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Tuesday, October 20, 2026 11:33:37 AM

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65 साल बाद भी जीवंत और प्रासंगिक बाबा साहब

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65 साल बाद भी जीवंत और प्रासंगिक बाबा साहब

1956 में – 6 दिसंबर को – नहीं रहे थे बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर। मगर कमाल का ही है उनका व्यक्तित्व और कृतित्व, जिसके चलते वे आज साढ़े छः दशक बाद भी न सिर्फ जीवंत और प्रासंगिक है, बल्कि एजेंडा निर्धारित कर कर रहे हैं। उन्हें विशेष रूप से याद करने के अनेक कारण […]

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वे तो शहीद हुए हैं, मरा तो कुछ और है!! –कृषि मंत्री…

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वे तो शहीद हुए हैं, मरा तो कुछ और है!! –कृषि मंत्री के चुनिंदा स्मृति-लोप की क्रोनोलॉजी

तीन कृषि कानूनों की वापसी के लिए लड़ते-लड़ते किसान आंदोलन में शहीद हुए सातेक सौ किसानों के बारे में संसद में दिए जवाब में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि : “कृषि मंत्रालय के पास इस बारे में कोई रिकॉर्ड नहीं है, ऐसे में वित्तीय सहायता देने का सवाल नहीं उठता।” […]

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कॉर्पोरेट विरोधी संयुक्त संघर्ष की ऐतिहासिक जीत! 700 से अधिक किसानों की…

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कॉर्पोरेट विरोधी संयुक्त संघर्ष की ऐतिहासिक जीत! 700 से अधिक किसानों की शहादत के लिए नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार जिम्मेदार, सब कुछ याद रखा जाएगा : किसान सभा

अखिल भारतीय किसान सभा ने कहा है कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली अहंकारी भाजपा सरकार को हार स्वीकार करने और तीन किसान विरोधी, जन विरोधी और कॉर्पोरेट समर्थक कानूनों को निरस्त करने की घोषणा करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इसके लिए किसान सभा देश के उन लाखों किसानों, खेत मजदूरों और कामगारों […]

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भारत नेपाल सीमा खुलने से गुलजार होने लगे हैं नेपालगंज के कैसिनो

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भारत नेपाल सीमा खुलने से गुलजार होने लगे हैं नेपालगंज के कैसिनो

रुपईडीहा बहराइच। कोरोना महामारी के कारण लगभग डेढ़ वर्ष से नेपाल के बांके जिले के नेपालगंज के अधिकांश कैसिनो बंद चल रहे थे।अब भारत नेपाल सीमा खुलने के कारण भारतीय पर्यटकों से नेपालगंज के कैसिनो गुलजार हो रहे हैं। भारतीय पर्यटकों के सुलभ आवागमन के कारण नेपालगंज सहित नेपाल के विभिन्न शहरों में कैसिनो का […]

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राष्ट्र को समर्पण या आत्मसमर्पण? : सरकारी आयुध निर्माणियों की सेल की…

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राष्ट्र को समर्पण या आत्मसमर्पण? : सरकारी आयुध निर्माणियों की सेल की धूर्तता पर गर्व का गरबा करते मोदी

प्रचलन में यह है कि दशहरे के दिन अस्त्र-शस्त्रों की पूजा होती है। मगर जैसा कि विश्वामित्र कह गए हैं : “कलियुग में सब उलटा पुलटा हो जाता है।” वही हो रहा है। इस दशहरे पर मोदी जीno – हिन्दू धर्म के स्वयंभू संरक्षक मोदी जी, राष्ट्रवाद की होलसेल डीलरशिप लिए बैठे संघ के प्रचारक […]

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गांधी को समझना है, तो उन्हें भी उस समय की परिस्थितियों के…

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गांधी को समझना है, तो उन्हें भी उस समय की परिस्थितियों के साथ जोड़कर देखना होगा

गाँधी का देशकाल *(गांधी जयंती पर बादल सरोज का विशेष आलेख)* *एक* किसी भी व्यक्ति या विचार का मूल्यांकन करने का सही तरीका उसे उसके देश-काल में – टाइम एंड स्पेस में – बांधकर समझना है। गांधी को समझना है, तो उन्हें भी उस समय की परिस्थितियों के साथ जोड़कर देखना होगा। गांधी की एक […]

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खेतिहर समाज संकट की जकड़ में : डॉ. अशोक ढवले

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खेतिहर समाज संकट की जकड़ में : डॉ. अशोक ढवले

अखिल भारतीय किसान सभा देश का सबसे बड़ा किसान संगठन है तथा पिछले तीन दशकों में पूरे देश में किसान आंदोलन के विस्तार में उसका अभूतपूर्व योगदान है। डॉ. अशोक ढवले किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा आज वे संयुक्त किसान मोर्चा के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं। भारत के किसानों को सशक्त […]

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अल्ला हू अकबर’ और ‘हर हर महादेव’ के युग्म से इतना क्यों…

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अल्ला हू अकबर’ और ‘हर हर महादेव’ के युग्म से इतना क्यों डर गए हुक्मरान?

5 सितम्बर के मुज़फ्फरनगर के इतवार की खासियतें इस बार कारपोरेट गोदी मीडिया के एक हिस्से को भी दर्ज करनी पड़ी। लगभग हरेक ने माना कि पिछली 25 वर्षों में — जबसे इस इलाके में किसानों के बड़े-बड़े जमावड़ों की शुरुआत हुयी है — यह सबसे बड़ी रैली थी। संयुक्त किसान मोर्चे ने ठीक ही […]

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हिंदुस्तानी सभ्यता को अफगानिस्तान बनाने वाले संघी गिरोह की बर्बरता

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हिंदुस्तानी सभ्यता को अफगानिस्तान बनाने वाले संघी गिरोह की बर्बरता

 बीस साल तक सौ जूते और सौ प्याज खाकर, खिलाकर सब कुछ तबाह और खंड-खंड करके अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिका वापस चला ही गया। संयुक्त राज्य अमेरिका नाम के देश की सचमुच की खासियत यह है कि जो भी उसके साथ गया या जिसके भी वो पास गया, वह कहीं का नहीं रहा। न तंत्र बचा […]

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किसान आंदोलन के नौ माह : भाजपा के छल, छद्म और पाखण्ड…

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किसान आंदोलन के नौ माह : भाजपा के छल, छद्म और पाखण्ड के विरुद्ध खड़ा भारत

26 अगस्त को नौ महीने पूरे करने वाले किसान आंदोलन ने भाजपा के ब्रह्मास्त्र आईटी सैल और पाले-पोसे कारपोरेट मीडिया के जरिये किये जाने वाले दुष्प्रचार और उसके जरिये उगाई जाने वाली नफरती भक्तों की खरपतवार की जड़ों में भी, काफी हद तक, मट्ठा डाला है। भारतीय जनता पार्टी और उसके रिमोट के कंट्रोलधारी आरएसएस […]

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किसान आन्दोलन की ऐतिहासिक जन कार्यवाहियां

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किसान आन्दोलन की ऐतिहासिक जन कार्यवाहियां

दिल्ली के चारों तरफ सीमाओं पर किसान पिछले नौ महीनों से बैठे है और किसान विरोधी तीन काले कानूनों का विरोध कर रहे हैं। हाल फ़िलहाल में किसानो द्वारा कई बड़ी राष्ट्रव्यापी कार्यवाहियां हुई हैं, जिनमें हज़ारों किसानों ने भागेदारी की है। किसानों द्वारा इस दौरान महत्वपूर्ण दिवसों को भी मनाया गया। *26 मई की […]

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विभाजन विभीषिका स्मृति के बहाने हॉरर के रौरव की तैयारी

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विभाजन विभीषिका स्मृति के बहाने हॉरर के रौरव की तैयारी

जो आपदा में कमाई और लूट के अवसर ढूंढ सकते हैं, अकाल मौतों को छुपाने में राहत महसूस कर सकते हैं, बर्बादी और विनाश में आल्हाद देख सकते हैं, वे भला उत्सव और समारोहों के मौकों को भी त्रासद और विभाजन का जरिया बनाने से क्यों बाज आने लगे!! ठीक यही काम, अपने नाम ‘डिवाइडर […]

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लुप्त होती पत्रकारिता और छीजता मीडिया : भारतीय मीडिया मुनाफे की तिजोरी…

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लुप्त होती पत्रकारिता और छीजता मीडिया : भारतीय मीडिया मुनाफे की तिजोरी का बंदी, यह सिस्टम की विफलता नहीं है, बल्कि यही सिस्टम है : पी साईनाथ

शैलेन्द्र शैली स्मृति व्याख्यान-2021 में देश के सिद्ध और दुनिया के प्रसिद्ध पत्रकार पी साईनाथ ने “लुप्त होती पत्रकारिता और छीजता मीडिया” विषय पर दर्शकों-श्रोताओं को अपनी अनोखी सूचनाओं और असाधारण विश्लेषण से अवगत कराया। ‘लोकजतन’ द्वारा अपने संस्थापक सम्पादक की स्मृति में पखवाड़े भर तक चलाई जाने वाले व्याख्यानमाला में छात्र आंदोलन में शैली […]

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तुम्हे तो शर्म कभी नहीं आएगी मनु, मगर देश शर्मसार है तुम्हारी…

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तुम्हे तो शर्म कभी नहीं आएगी मनु, मगर देश शर्मसार है तुम्हारी पनौती की वजह से

बुधवार को टोक्यो में भारत की लडकियां जब जी-जान से अर्जेंटीना की टीम से जूझ रही थीं – शानदार मुकाबले में न जीत पाने के अफ़सोस में पूरा देश था। लडकियां इस सबके बावजूद भारत के लिए कांस्य-पदक लाने की सामर्थ्य और हौंसला जुटा रही थीं, ठीक उसी वक़्त मनु हरिद्वार में नंगा होकर नाच […]

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महिलाओं और दलितों की दुर्दशा सामंती-मनुवादी मानसिकता की राजनीतिक सफलता : शैलेन्द्र…

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महिलाओं और दलितों की दुर्दशा सामंती-मनुवादी मानसिकता की राजनीतिक सफलता : शैलेन्द्र शैली स्मृति व्याख्यान में बोली संध्या शैली

शैलेन्द्र शैली स्मृति व्याख्यान 2021 में बोलते हुए अखिल भारतीय जनवादी की केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुश्री संध्या शैली ने अनेक संवैधानिक प्रावधानों और संरक्षणों के बावजूद महिलाओं और दलितों पर बढ़ते अत्याचारों की वजहें गिनाई। मध्यप्रदेश में दलितों और महिलाओं के साथ हुए अत्याचारों की कोई दर्जन भर ताज़ी घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने […]

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दैनिक भास्कर : मसला सेठ का नहीं, प्रेस का है

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दैनिक भास्कर : मसला सेठ का नहीं, प्रेस का है

आखिरकार पिछले पखवाड़े देश के प्रमुख हिंदी अखबार दैनिक भास्कर पर मोदी-शाह के इनकम टैक्स और सीबीडीटी के छापे पड़ ही गए। पिछले कुछ महीनों से इस तरह की आशंका जताई जा रही थी। आम तौर से सत्तासमर्थक और खासतौर से भाजपा हमदर्द माने जाने वाले इस अख़बार ने कोरोना महामारी की दूसरी लहर के […]

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इधर के घोड़े क्या गधे थे?

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इधर के घोड़े क्या गधे थे?

पेगासस जासूसी काण्ड में बाकियों को जो बुरा लगा हो सो लगा हो, अपन को तो अपने इधर के घोड़ों का अपमान बिलकुल भी नहीं भाया। पेगासस यूनानी पौराणिक गाथाओं के बड़े जबर घोड़े हैं – उनकी रफ़्तार और ऊंचाई तय करने की क्षमता इतनी है कि सवार को सीधे स्वर्गलोक तक पहुंचाने का माद्दा […]

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मखौल बनाना काफी नहीं, झूठ के सांड को सींग से पकड़ना होगा

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मखौल बनाना काफी नहीं, झूठ के सांड को सींग से पकड़ना होगा

“ऑक्सीजन की कमी से एक भी मौत नहीं हुयी।” सरकार ने संसद में सीना तानकर बोला। “पेगासस से जासूसी!! हमे नहीं पता — कब, किसने, क्यों और किसकी कराई।” हर बड़कू और छुटकू यही जवाब पेले पड़ा है। इस जासूसी के कालखण्ड में सूचना प्रौद्योगिकी के मंत्री रहे नकफुलेजी ने कहा कि “आतंकवाद से बचाव […]

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बीसीआई की तानाशाही

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बीसीआई की तानाशाही

बीसीआई की तानाशाह ब्रिटिश राजसिंहासन ने भारतीय उच्च न्यायालय अधिनियम, 1861 (आमतौर पर चार्टर अधिनियम के रूप में जाना जाता है) के तहत भारत के उच्च न्यायालयों की स्थापना की. आगे इसमें, उच्च न्यायालयों को वकीलों और वकीलों (सॉलिसिटर) के पंजीकरण के लिए नियम बनाने का अधिकार दिया गए. इसके बाद, कानूनी चिकित्सक अधिनियम, 1979, बॉम्बे प्लीडर अधिनियम, 1920 और भारतीय […]

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शून्य को शून्य में जोड़ने, एक शून्य हटा दूसरी बिठाने से संख्या…

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शून्य को शून्य में जोड़ने, एक शून्य हटा दूसरी बिठाने से संख्या नहीं बढ़ती

पता नहीं क्यूँ पिछले तीन दिनों से सारा मीडिया सारे फ़साने से जिसका कोई रिश्ता तक नहीं, उस मोदी मंत्रिमंडल के पहले फेरबदल पर दीवाना बना हुआ है। जिस मोटा भाई के मंत्रिमण्डल में एक छोटा भाई को छोड़कर कोई दूसरा मंत्री तक नहीं है – उसमें किसने इस्तीफा दिया, किसको लाल बत्ती मिली – […]

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अनिल कुमार मोंगा जी जैसे महान लोगों की देश को आज जरूरत…

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अनिल कुमार मोंगा जी जैसे महान लोगों की देश को आज जरूरत है : पण्डित जगदीश शर्मा

कोरोना महामारी में पूरी दुनिया के लोगो का जनजीवन प्रभावित हुआ हैं और इस महामारी में गरीब व बेसहारा लोगों को सबसे ज्यादा कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है, हालाँकि जहा चुनौतियां होती हैं वहां उनसे लड़ने की उम्मीदें भी होती हैं और ऐसे ही अकेले पड़ चुके गरीब व बेसहारा लोगों के लिए उम्मीदों […]

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अमानवीय राजकीय हत्या! सब कुछ याद रहेगा!!

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अमानवीय राजकीय हत्या! सब कुछ याद रहेगा!!

“मैं कोई मूक दर्शक नहीं हूं, मैं संघर्ष का हिस्सा हूं। इसके लिए मैं कोई भी कीमत चुकाने के लिए तैयार हूं, कुछ भी कीमत।” “चर्च अपने गिरेबान में झांके और देखें कि किस तरह वह काम करता है। हम अगर गरीबों के लिए काम कर रहें है, तो हमें गरीबों की तरह और गरीबों […]

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बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने सदस्यों द्वारा बार काउंसिल के फैसलों की…

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बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने सदस्यों द्वारा बार काउंसिल के फैसलों की आलोचना

️ बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने सदस्यों द्वारा बार काउंसिल के फैसलों की ‘आलोचना’ और ‘हमले’ को एक कदाचार और अयोग्यता या निलंबन या बार काउंसिल से किसी सदस्य की सदस्यता को हटाने के लिए आधार बनाने के लिए नियमों में संशोधन किया है। संशोधित नियम, जिसे शुक्रवार (25 जून 2021) को राजपत्र में अधिसूचित […]

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मनरेगा में जाति और मनुवादी एडवाइजरी

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मनरेगा में जाति और मनुवादी एडवाइजरी

इस वर्ष के अप्रैल माह में छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में मनरेगा में काम करने वाले दलित व आदिवासी समुदाय से जुड़े मजदूरों के लिए भुगतान का संकट खड़ा हो गया, जबकि बाकी मजदूरों को भुगतान पहले की तरह ही हो रहा था। पूरे देश में हल्ला मचने के बाद यह पता चला कि यह […]

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मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ राहुल प्रियंका गांधी सेना ने…

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मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ राहुल प्रियंका गांधी सेना ने खोला मोर्चा

राहुल प्रियंका गांधी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष पण्डित जगदीश शर्मा ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी जी समय-समय पर बताते रहे जीडीपी गिर रही है, मोदी जी ने नही समझा, महँगाई बढ़ रही है मोदी जी ने नहीं समझा, कोरोना महामारी का रूप ले रही है मोदी जी ने नहीं […]

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शिकार की बजाय शिकारियों के बचाव की पतली गलियां तलाशने का समाजशास्त्र

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शिकार की बजाय शिकारियों के बचाव की पतली गलियां तलाशने का समाजशास्त्र

दो साल पहले वर्ष 2019 के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार देश में बलात्कार के 84 मामले हर रोज दर्ज किये जाते हैं। इन आंकड़ों का रखरखाव करने वाला सरकारी विभाग नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो अपनी रिपोर्ट में इन्हे दुष्कर्म कहता है। पिछले दिनो में भी हर रोज इस तरह के दुष्कर्म (बलात्कार) की घटनाएं घटी […]

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जाने क्या है शपथ-पत्र का महत्व ?

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जाने क्या है शपथ-पत्र का महत्व ?

शपथ-पत्र/ Affidavit किसी व्यक्ति द्वारा किसी कार्य को करने अथवा न करने की लिखित रूप में स्वेच्छा से ली गई तथ्यात्मक घोषणा को affidavit कहते हैं। Affidavit को शपथ-पत्र या हलफनामा भी कहते हैं। यह घोषणा किसी ऐसे व्यक्ति के समक्ष ली जाती है जो विधि द्वारा उसके लिए अधिकृत हो, जैसे नोटरी पब्लिक या […]

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पॉवर ऑफ सिविल कोर्ट

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पॉवर ऑफ सिविल कोर्ट

कोई भी कानून अपने आप में पूर्ण नहीं होता है, कानून के नियम सामान्य होते हैं अतः वे उन सभी असुविधाओं के खिलाफ जिनकी संख्या अनिश्चित होती हैं, सब काल के लिये नियम नहीं बना सकते हैं क्योंकि विभिन्न अवस्थाओं में विभिन्न मामले उत्पन्न होते रहते हैं । कोई भी संहिता चाहे वह कितनी ही […]

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