रिपोर्ट : राजेंद्र शर्मा बेशक, यह कहना तो शायद बहुत जल्दबाजी होगी कि बिहार में विशेष सघन पुनरीक्षण या एसआइआर की घोषणा के बाद से विपक्षी पार्टियों ही नहीं, बल्कि सामाजिक व जनतांत्रिक अधिकार संगठनों द्वारा भी ”वोट की चोरी” के जरिए चुनाव में हेरा-फेरी की जो आशंकाएं जतायी जा रही थीं और जनता के […]
देश
क्या यही चुनाव आयोग का काम है?
रिपोर्ट : राजेंद्र शर्मा बेशक, यह कहना तो शायद बहुत जल्दबाजी होगी कि बिहार में विशेष सघन पुनरीक्षण या एसआइआर की घोषणा के बाद से विपक्षी पार्टियों ही नहीं, बल्कि सामाजिक व जनतांत्रिक अधिकार संगठनों द्वारा भी ”वोट की चोरी” के जरिए चुनाव में हेरा-फेरी की जो आशंकाएं जतायी जा रही थीं और जनता के […]
श्रीमान भागवत की पहेलियाँ
रिपोर्ट : सवेरा अनुवाद: संजय पराते दोहरेपन का अद्भुत प्रदर्शन करते हुए, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने तीन दिन (26-28 अगस्त, 2025) अपने संगठन को एक राष्ट्रवादी, उदार, समावेशी और अहिंसक संगठन के रूप में प्रस्तुत करने के दृष्टिकोण से बिताए, जो केवल यही चाहता है कि भारत पूरी मानवता को शांति और समृद्धि के […]
क्या भारत का लोकतंत्र अब ‘नियंत्रित लोकतंत्र’ में बदल गया है?
रिपोर्ट : कृष्ण प्रताप सिंह अंदेशे तो पहले से जताए जा रहे थे, लेकिन अब देश के चुनाव आयोग ने जिस तरह सारी लोकलाज (जिसे लोकतांत्रिक बर्ताव का सबसे जरूरी तत्व बताया जाता है) बिसराकर अपनी (अ)विश्वसनीयता से जुड़े सारे सवालों की जवाबदेही की ओर पीठ कर ली, साथ ही चोर के कोतवाल को डांटने […]
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मौजूदा सरकार की नीतियां मजदूरों, किसानों व आमजन को बर्बाद करने वाली:…
जेके मजदूरों के धरने के समर्थन में कामरेड बृंदा करात की आमसभा में उमड़ा जनसैलाब कोटा/ इटावा। कोटा में जेके फैक्ट्री के मजदूरों के चल रहे आंदोलन ने एक नया मोड़ लिया जब सीपीआई(एम) की राष्ट्रीय नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद कामरेड बृंदा करात ने उनके समर्थन में जिला कलेक्ट्रेट पर एक विशाल सभा को […]
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नागरिक परिक्रमा
संजय पराते की राजनैतिक टिप्पणियां 1. जस्टिस नागरत्ना की असहमति पर गौर करना जरूरी सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सोमवार को बॉम्बे उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश विपुल एम. पंचोली को शीर्ष न्यायालय में पदोन्नत करने की सिफारिश की है।कॉलेजियम ने न्यायाधीश पंचोली को पदोन्नत करने की […]
धर्मस्थला में दबे सत्य और न्याय को उजागर करना जरूरी
रिपोर्ट : के एस विमला अनुवादक : संजय पराते हरे-भरे जंगलों और धीमी-धीमी बहती जलधाराओं से घिरा, और चूंकि यह बरसात का मौसम है — बहते पानी का तेज़ खिंचाव, बारिश की पुकार करते मोर और तोतों की चहचहाहट ; यह एक ऐसी जगह है, जो मन को प्रसन्न करती है। लेकिन यहाँ दुःख भारी […]
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भारतीय ज्ञान प्रणाली के नाम पर संघी दर्शन को पढ़ाने और वर्णाश्रमी…
रिपोर्ट : संजय पराते भारत में पीएचडी शोध करने के इच्छुक किसी भी व्यक्ति को यूजीसी-नेट (राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा) देनी होती थी, जो 2024-25 तक भारतीय विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में ‘सहायक प्रोफेसर’ तथा ‘जूनियर रिसर्च फेलोशिप और सहायक प्रोफेसर’ के लिए भारतीय नागरिकों की पात्रता निर्धारित करने के लिए एक परीक्षा थी। 2024 में, केंद्र […]

आतंकियों का धर्म नहीं होता, लेकिन धर्म की आड़ में छुपने की…
पहलगाम से लेकर युद्ध विराम तक के घटना विकास – जो किसी काण्ड से कम नहीं है — और अचानक बीच में ही रोक दी गयी झड़प के नाम पर ऑपरेशन सिन्दूर के भुलावों को लेकर देश की संसद में हुई बहस में उठे सवालों से बचने और अपनी जाहिर-उजागर असफलताओं को ढांपने के […]
ब्याज सहित 500 करोड़ से अधिक की मांग, सरकार पर दबाव
167 वें दिन भी जारी रहा जेके फैक्ट्री के मजदूरों का धरना बकाया भुगतान की मांग को लेकर 18 फरवरी से कोटा कलेक्ट्रेट पर चल रहा जेके फैक्ट्री के मजदूरों का धरना रविवार को 167 वें दिन भी जारी रहा। सीटू के मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि जेके फैक्ट्री के मजदूरों का धरना […]
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आपरेशन सिंदूर’ : सिर्फ बहस, जवाब गायब
रिपोर्ट : राजेंद्र शर्मा आखिरकार, संसद को पहलगाम के बैसरन में आतंकवादियों द्वारा किए गए हत्याकांड से लेकर, उसके बदले के नाम पर छेड़े गए ‘आपरेशन सिंदूर’ तक पर चर्चा का मौका मिल ही गया। बेशक, इस सिलसिले में यह दर्ज किया जाना जरूरी है कि संसद को बैसरन हत्याकांड के पूरे तीन महीने और […]
कांवड़ यात्रा अब धार्मिक नहीं, बल्कि योजनाबद्ध राजनीतिक कार्यक्रम बन गयी है
रिपोर्ट : महेंद्र मिश्र कांवड़िये किस तरह से सड़कों पर उपद्रव कर रहे हैं वह चर्चा-ए-आम है। आए दिन मारपीट और हिंसा की घटनाएं सोशल मीडिया पर वायरल हैं। कहीं कांवड़ियों का कोई जत्था ढाबा तोड़ रहा है, तो कहीं कोई दुकान उनके निशाने पर है। कहीं किसी की कार तोड़ी जा रही है, तो […]
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एक शानदार हड़ताल के असर में निहित संदेश और सबक
रिपोर्ट : बादल सरोज 9 जुलाई की राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल में कोई 25 करोड़ हिन्दुस्तानियों की भागीदारी ने उसे सिर्फ भारत ही नहीं, दुनिया के लिए भी एक बेमिसाल बड़ी कार्यवाही बना दिया है। दुनिया में कुल अस्तित्वमान 205 देशों में से सिर्फ 5 को छोड़कर किसी भी देश की इतनी आबादी भी नहीं है, […]
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स्वतंत्र पत्रकारिता को निशाना बनाना बंद करो! : जलेसं
नई दिल्ली। वरिष्ठ और विश्वसनीय पत्रकार श्री अजित अंजुम पर बिहार के बेगूसराय में दायर की गयी प्राथमिकी (एफ़आईआर) इस देश की बची-खुची स्वतंत्र पत्रकारिता पर एक हमला है। जनवादी लेखक संघ इस हमले की निंदा करता है और लेखक समुदाय से इस हमले के ख़िलाफ़ मुखर होने का आह्वान करता है। श्री अजित अंजुम […]
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अब मतदाता सूचियों में विदेशी नामों का हौवा
रिपोर्ट : राजेंद्र शर्मा जिसकी आशंका थी, बिहार में मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण के पीछे के असली खेल का पर्दे के पीछे से झांंकना शुरू हो गया है। यह शुरूआत हुई है इसके दावों के साथ कि मतदाता सूची पुनरीक्षण के क्रम में घर-घर जाने से मिल रही जानकारियों से पता चला है कि मतदाता […]
राजनैतिक व्यंग्य-समागम 1. भागवत जी के नाम मोदी का खुला खत :…
माननीय भागवत जी, अब तो आपने सबके सामने इशारे-इशारे में कह दिया है कि अगले 17 सितंबर को अपने 75 वें जन्मदिन पर मुझे झोला लेकर चल देना है। 75 की शाल ओढ़ कर मुझे दरकिनार हो जाना है, दूसरों को मौका देना है। बहुत खूब कहा। बहुत ऊंची सोच है आपकी। लगता है आपकी […]
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छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में वृद्धि : अमीरों को राहत, गरीबों पर…
रिपोर्ट : संजय पराते छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली की दरों में भारी वृद्धि की घोषणा की है। बिजली की बढ़ी हुई दरें जुलाई माह से ही लागू कर दी गई है और अगस्त माह के बिल में प्रदेश के गरीब उपभोक्ताओं को बिजली का झटका लगना तय है। इन बढ़ी हुई दरों […]
मरघट का सन्नाटा न पसरे, इसलिए आधे घंटे का डिजिटल मौन
रिपोर्ट : बादल सरोज इंसान होने की खूबी यह है कि वह ज़ुल्म के हद से ज्यादा बढ़ने के बाद भी समर्पण नहीं करता, प्रतिरोध तेज करता है और उसके नए-नए तरीके भी ढूंढता, तलाशता रहता है। कई बार, किसी निजी पहल के साथ सुझाए गए तरीके और किये गए आह्वान भी बिजली की रफ़्तार […]
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नोटबंदी से वोटबंदी तक
रिपोर्ट : राजेन्द्र शर्मा बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को चुनौती देने वाली याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षण के लिए स्वीकार कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस विषय के तत्काल जरूरी होने को पहचानते हुए, इस पर विचार के लिए तीन दिन बाद, बृहस्पतिवार 10 जुलाई की तारीख तय […]
इस वर्ष का ‘लोकजतन सम्मान’ शहीद पत्रकार मुकेश चंद्राकर को, 24 जुलाई…
रिपोर्ट : बादल सरोज रायपुर। इस वर्ष का ‘लोकजतन सम्मान’ बस्तर के शहीद पत्रकार मुकेश चंद्राकर को उनकी निर्भीक, मैदानी तथा कॉर्पोरेट विरोधी जुझारू पत्रकारिता के लिए दिया जायेगा। इसकी घोषणा लोकजतन के संपादक बादल सरोज ने कल यहां की। इस सम्मान समारोह का आयोजन 24 जुलाई 2025 को रायपुर प्रेस क्लब में अपराह्न 3 […]

आरएसएस : साम्राज्यवाद, फासीवाद और नाजी विचारधारा को फैलाने का हथियार
रिपोर्ट : एम. ए. बेबी अनुवाद : संजय पराते प्रत्येक भारतीय को अपानी मान्यताओं के अनुसार जीने की स्वतंत्रता है। यही हमारे संविधान में निहित धर्मनिरपेक्षता के मूल्य का आधार है। साथ ही, इसका यह भी अर्थ है कि धर्म को शासन में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। फिर भी, जिन्होंने संविधान की रक्षा की शपथ […]
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धर्म-भाषा विवाद : खत्म होती राजनीति को बचाने की कोशिश
रिपोर्ट : मुकुल सरल कोई कहता है– जय श्रीराम बोलना होगा (हिंदुत्ववादी) कोई कहता है– मराठी बोलनी होगी (महाराष्ट्र में मनसे) कोई कहता है– हिंदी पढ़नी होगी (सरकार का त्रिभाषा फ़ार्मूला) कोई कहता है– हिंदी नहीं चलेगी। कर्नाटक, तमिलनाडु में हिंदी के साइन बोर्ड पर कालिख पोती जाती है। कोई कहता है– उर्दू नहीं चलेगी, […]
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संयम शांति और सादगी से हुआ चातुर्मास के लिए प्रवेश
रेलमगरा. युग प्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के आज्ञानुवर्ती मुनि संजय कुमार का सोमवार सुबह चातुर्मास हेतु तेरापंथ सभा भवन में प्रवेश हुआ। मुनि का आगमन बस स्टैंड से शोभायात्रा के साथ हुआ। शोभायात्रा फतेहनगर रोड, विजयवर्गीय मोहल्ला, सदर बाजार, चारभुजा मंदिर, जैन मंदिर, खाखल बावजी चौक होते हुए सभा भवन पहुंची। समाज के सदस्य […]
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राजनैतिक व्यंग्य-समागम
1. अवार्ड तो लाने दो यारो! : राजेन्द्र शर्मा भगवा भाईयों ने भी मोदी जी के विरोधियों को वो मुंह तोड़ जवाब दिया है कि पूछो ही मत। एक-एक गिनकर, साल-महीनावार पूरी लिस्ट बनाकर बता दिया है कि मोदी जी को परदेस में कब-कब, कहां-कहां और कौन-कौन से अवार्ड मिले हैं। और यह भी कि […]

इंदिरा गांधी की इमरजेंसी बनाम संघ-भाजपा का अघोषित आपातकाल
रिपोर्ट : संजय पराते इंदिरा गांधी द्वारा 50 वर्ष पहले 25 जून 1975 को देश में इमरजेंसी लगाए जाने के कृत्य को इतिहास ने ग़लत साबित कर दिया है। उस अंधकारमय दौर को देश की जनता आज भी भूली नहीं है, जब उसके नागरिक अधिकार निलंबित कर दिए गए थे। हालांकि यह इमरजेंसी संविधान के […]
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कृष्ण कल्पित प्रसंग : केवल एक कवि का पतन नहीं, समूचे काव्य-प्रेमी…
रिपोर्ट : अरुण माहेश्वरी पटना में कृष्ण कल्पित की हरकत केवल एक सामाजिक अपराध नहीं, बल्कि एक विकृत आत्म-संरचना का उदाहरण भी है। वह जो अपने भाषिक तेवर में विद्रोही और मुक्त दिखाई देता है, वही कैसे भीतर ही भीतर असंख्य कुंठाओं और खास तौर पर स्त्रीत्व के बारे में अजीबोगरीब प्रतीकात्मक उहापोह (अस्थिरता) से […]
आसमान से बरसी आफतः 24 घंटे में 5 इंच बारिश से रामगंजमंडी…
रामगंजमंडी-सुकेत रोड पर भरा दो फीट पानी, दोपहर तक आवागमन रहा अवरुद्ध उफनते नाले को पार करते समय बहने लगा ऑटो -लोगों ने रोक कर सवारियों को निकाला सुरक्षित कोटा/ रामगंजमंडी। रामगंजमंडी में मंगलवार रात्रि से ही लगातार चल रही बारिश ने पूरे नगर को जलमग्न कर दिया। नगर के प्रमुख मार्गों, पंचमुखी बालाजी मार्ग […]
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मतदाता सूची पुनरीक्षण या मताधिकार पर हमला?
रिपोर्ट : राजेंद्र शर्मा यह अगर संयोग ही है, तब भी बहुत कुछ बताने वाला संयोग है। 25 जून को, जिस दिन बड़े जोर-शोर से ‘संविधान हत्या दिवस’ के नाम से मौजूदा शासन द्वारा इंदिरा गांधी की इमरजेंसी की पचासवीं बरसी मनायी जा रही थी, ठीक उसी रोज बिहार में, जहां अब से कुछ ही […]



