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Saturday, June 6, 2026 5:42:03 PM

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जल की गुणवत्ता जांच हेतु प्रदान किया गया प्रशिक्षण

जल की गुणवत्ता जांच हेतु प्रदान किया गया प्रशिक्षण
से बेखौफ खबर के लिए स्वतंत्र पत्रकार राजकुमार गुप्ता की रिपोर्ट

बहराइच 07 सितम्बर। शासन के निर्देश के क्रम में जनपद वासियों को गुणवत्तायुक्त जल आपूर्ति सुनिश्चित कराये जाने के उद्देश्य से सोमवार देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ दिनेश चन्द्र की अध्यक्षता में खण्ड विकास अधिकारियों, निकायों के अधिशाषी अधिकारियों के प्रतिनिधियों को जल परीक्षण का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इसी प्रकार विकास खण्ड स्तर पर जनपद की समस्त ग्राम पंचायतों की चयनित पांच महिलाओं व ग्राम प्रधानों को सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारी के देख-रेख में जल परीक्षण का प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। प्रशिक्षण के लिए जिलाधिकारी द्वारा उप जिलाधिकारियों, खण्ड विकास अधिकारियों व निकायों के प्रतिनिधियों को राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन द्वारा उपलब्ध कराये गये फील्ड टेस्ट किट का वितरण भी किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान जल निगम के जल परीक्षण प्रयोगशाला के प्रभारी द्वारा खण्ड विकास अधिकारियों, निकायों के अधिशाषी अधिकारियों के प्रतिनिधियों को जल परीक्षण के विधियों के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में बताया गया कि गंद्लापन जल से छोटी आंत, बड़ी आंत, यकृत प्रभावित होने से आंत्र ज्वर, डेंगी, खुजली, हैजा, मेलरिआ, जल में पीएच (पोटेंसियल आफ हाइड्रोजनी) पाये जाने से छोटी आंत, बड़ी आंत, यकृत त्वचा, बाल प्रभावित होने से आंखों में जलन और त्वचा सम्बंधी रोग, जल की कठोरता से गुर्दा हड्ड़िया, रक्त प्रभावित होने के फलस्वरूप त्वचा, बालों और नाखूनों का शुष्क होना जैसे लक्षण पाये जाते है।
इसके अलावा लौह युक्त जल से रक्त,तिल्ली व त्वचा प्रभावित होने से त्वचा की कोशिकाओं, त्वचा में तेल जमा होना, मुंहासे, पेट की समस्याएं, मतली और उल्टी आना, अर्सेनिक जल से रक्त, तंत्रिका तंत्र, रक्त कोशिका, लाल रक्त कोशिकाओं, परिसंचरण में गड़बड़ी, मस्तिष्क गुर्दा, यकृत प्रभावित होने से उल्टी, रक्त और परिसंचरण में गड़बड़ी, तंत्रिका तंत्र को नुकसान और अंततः मृत्यु, यकृत बड़ा होना, अंगों में झुनझुनी और सनसनी तथा फ्लोराइड युक्त जल से हड्ड़ियों, दांतो, जोड़ो की हानि और थाएरायड ग्रंथि प्रभावित होते है जिससे हड्ड़ियों/दांतो का भंगुर होना जैसे लक्षण पाये जाते है।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी जयचन्द्र पाण्डेय, अपर पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानन्जय सिंह, नगर मजिस्ट्रेट अनिल कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी सदर सौरभ गंगवार, आईएएस, नानपारा राम आसरे वर्मा, पयागपुर कीर्ति प्रकाश भारती, महसी एस.एन. त्रिपाठी, अधि. अभि जल निगम सौरभ सुमन सहित खण्ड विकास अधिकारी, निकायों के अधिकारियों के प्रतिनिधि व अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।

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