रिपोर्ट : राजेंद्र शर्मा* इन मोदी विरोधियों को तो बस मोदी जी कुछ भी करें, विरोध करने से मतलब है। अब मोदी जी सौग़ात दे रहे हैं और वह भी ईद की, तो इन्हें उनका सौग़ात देना भी नहीं पच रहा है। कह रहे हैं कि ये तो पाखंड है। जो मोदी जी […]
रिपोर्ट : राजेंद्र शर्मा* इन मोदी विरोधियों को तो बस मोदी जी कुछ भी करें, विरोध करने से मतलब है। अब मोदी जी सौग़ात दे रहे हैं और वह भी ईद की, तो इन्हें उनका सौग़ात देना भी नहीं पच रहा है। कह रहे हैं कि ये तो पाखंड है। जो मोदी जी […]
रिपोर्ट : संजय पराते आज बात मध्यप्रदेश पर, जहां एक गरीब भाजपाई सांसद को एक युवराज भाजपाई सांसद से ही खतरा है और उनकी यह शिकायत मीडिया में जोर-शोर से उछल रही है। पहले वाला सांसद ख़ांटी संघी है और दूसरा नवागत भाजपाई, लेकिन इसके पास अतीत के राजपाट का रौब है। बात संघ […]
रिपोर्ट : जसविंदर सिंह जब एक ही तरह की घटना को बार-बार दोहराया जाए, हर बार घटना को एक ही तरीके से अंजाम दिया जाए, तो घटनाएं अचानक नहीं घटती ; उसके पीछे सोची समझी योजना होती है, साजिश होती है और इन साजिशों के पीछे एक सियासत होती है। मध्यप्रदेश का मालवा क्षेत्र आजकल […]
Read More… from साझा विरासत पर मंडराते गिद्ध और साजिश के पीछे की सियासत को समझने की जरूरत
रिपोर्ट : बादल सरोज चर्चा में स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा को निशाना बनाकर किये जा रहे हमले हैं। बिना नाम लिए बनाई गयी पैरोडी की महीने भर पहले दी गयी प्रस्तुति को लेकर शिवसेना के सैनिक होने का दावा करने वाले गुंडे उस हैबिटैट सेंटर में तोड़फोड़ मचा चुके हैं, जहां यह कार्यक्रम हुआ था। […]

रिपोर्ट : राम पुनियानी आज की सांप्रदायिक सोच राजाओं —हिंदू और मुस्लिम—को उनके धर्म के चश्मे से देखती है, न कि सत्ता और संपत्ति के लिए संघर्षरत शासकों के रूप में। जैसे-जैसे राजनीति में इतिहास का उपयोग बढ़ रहा है, सांप्रदायिक घृणा भी नई ऊंचाइयों तक पहुंच रही है। बीते कुछ वर्षों में इसके […]
रिपोर्ट : राजेंद्र शर्मा संभवत: इसी बीच हासिल हुई प्रभावी जीतों से बढ़े हुए आत्मविश्वास के चलते, संघ-भाजपा राज ने आरएसएस के शताब्दी वर्ष में उसके पक्के एजेंडे को आगे बढ़ाने के जरिए अपनी वफादारी दिखाने के लिए, इस विधेयक को ठंडे बस्ते से बाहर निकाल लिया है। अब इस विधेयक को दोबारा लोकसभा […]
रिपोर्ट : बादल सरोज अक्सर जो भान होता है, वह जरूरी नहीं कि असली प्रकाश या दीप्ति या उसका प्रत्यावर्तन हो। वह योजना के साथ बनाया, दिखाया, बताया ‘उजाला’ भी हो सकता है। ।इन दिनों खासकर संचार क्रांति के बाद से इस तरह के निर्मित, नियंत्रित, निराधार और पूरी तरह आभासीय अहसास – परसेप्सन […]
रिपोर्ट : संजय पराते एक प्रसिद्ध तुर्की कहावत है, जो इस प्रकार है : जब कोई जोकर महल में प्रवेश करता है, तो वह राजा नहीं बन जाता, बल्कि महल एक सर्कस बन जाता है। अमेरिकी शाही महल के साथ भी यही हुआ है। श्वेत जोकर डोनाल्ड ट्रम्प एक प्रतिगामी, निर्दयी, नस्लवादी और बेचैन […]

1. तुम मुझे इंडिया दो, मैं तुम्हे कब्र दूंगा : संजय पराते हमारे देश में दो दुनिया बसती है। एक का नाम इंडिया है और दूसरे का नाम भारत। इंडिया साधन संपन्न और चकाचक है। यह इंडिया पूरी दुनिया में इंडिया का प्रतिनिधित्व करता है। भारत दाने-दाने को मोहताज है, गंदगी-बदबू से भरा और […]
हिंदी दलित साहित्य के प्रवर्तकों द्वारा 1997 में स्थापित दलित लेखक संघ की 12वीं कार्यकारिणी का चुनाव दिल्ली में वर्तमान महासचिव शीलबोधि के निवास स्थान पर दिनांक 30 मार्च 2025 को संपन्न हुआ। वर्तमान अध्यक्ष डॉ महेंद्र सिंह बेनीवाल ने आमसभा में उपस्थित सभी सदस्यों का स्वागत किया तथा वर्तमान कार्यकारिणी को भंग करते हुए […]
Read More… from प्रो. नामदेव, दलित लेखक संघ के 12वें अध्यक्ष चुने गये।
रिपोर्ट : संजय पराते यहाँ उपस्थित विभिन्न राज्यों के माननीय मुख्यमंत्रीगण और अन्य प्रतिनिधिगण, आप सभी को मेरा सलाम। सबसे पहले, हम सभी की ओर से, मैं तमिलनाडु के माननीय मुख्यमंत्री श्री एम. के. स्टालिन का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने आज हम सभी को यहाँ एकत्रित किया है। लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों […]
Read More… from जनसंख्या नियंत्रण के लिए राज्यों को दंडित किया जाना अनुचित
नगर पंचायत बृजमनगंज स्थित आलमाइटी प्राइमरी स्कूल एवं आलमाइटी पब्लिक इंटरमीडिएट कालेज के संयुक्त तत्वाधान में शिक्षक अभिभावक सभा एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया । जिसमें एल०केजी० से लेकर कक्षा 11 तक के छात्र एवं छात्राओं के वार्षिक परीक्षा के अंक पत्रों का वितरण किया गया। सभा में उपस्थित अभिभावकों ने अपने पाल्य […]

रिपोर्ट : बादल सरोज हाल में उर्दू पर चले विमर्श में कुछ टिप्पणियाँ संस्कृत को लेकर भी आयीं हैं। हालांकि भाषाओं के बीच कोई द्वंद्व या टकराव नहीं है, उन्हें एक-दूसरे के मुकाबले खड़ा करने का कोई औचित्य नहीं है। ऐसा सिर्फ वे ही कर सकते हैं, जो किसी भी भाषा को न ठीक […]
Read More… from एक ही सांचे में ढला है संस्कृत की बेहाली और बहाली का कांड
तिरुवनंतपुरम (केरल)। मानहानि के एक मामले में केरल के भाजपा नेता बी. गोपालकृष्णन ने माकपा की केंद्रीय समिति की सदस्य और केरल की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री पी.के. श्रीमती टीचर के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए हाईकोर्ट में पेश होने के बाद माफी मांगी है। उल्लेखनीय है कि एक टीवी चर्चा के दौरान भाजपाई […]
तिरुवनंतपुरम (केरल)। मानहानि के एक मामले में केरल के भाजपा नेता बी. गोपालकृष्णन ने माकपा की केंद्रीय समिति की सदस्य और केरल की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री पी.के. श्रीमती टीचर के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए हाईकोर्ट में पेश होने के बाद माफी मांगी है। उल्लेखनीय है कि एक टीवी चर्चा के दौरान भाजपाई […]
रिपोर्ट : राजेंद्र शर्मा हैरानी की बात नहीं है कि नरेंद्र मोदी सरकार ने अपनी करनियों और अकरनियों से इस देश की राजनीतिक व्यवस्था में उत्तर और दक्षिण के पुराने विभाजन को फिर से भड़का दिया है। जैसा कि हमने इससे पहले एक लेख में जिक्र किया था, इस विभाजन को बढ़ाने का काम […]

रिपोर्ट : संजय पराते केरल के 2025-26 के बजट में 2 लाख करोड़ रुपये का राजस्व उत्पन्न करने का अनुमान है और इसके बराबर ही राशि के व्यय का प्रस्ताव है। इसका मतलब यह है कि केरल का बजट दो ट्रिलियन रुपये का हो गया है। इस बजट में समाज में होने वाले […]
Read More… from भावी केरल के विकास का रोडमैप है वर्ष 2025-26 का बजट
रिपोर्ट : कुर्बान अली 15 अगस्त 1947 को, जिस दिन भारत को आज़ादी मिली, केरल की कन्नूर जेल में एक ऐसा कैदी था, जिस पर इंग्लैंड के सम्राट के खिलाफ लोगों को भड़काने और राजद्रोह करने का आरोप लगाया गया था। उसका अपराध क्या था? स्वतंत्रता दिवस मनाना! और ऐसा उस सम्राट की ओर […]
रिपोर्ट : बादल सरोज रंगों के त्यौहार होली को इस बार जितना बेरंग और बदरंग किया गया, वैसा पिछले 70 सालों की तो छोड़िए, इस पर्व के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। हमेशा की तरह लोकरंग की फाग में पगी हिलोरों की फुहार आने की बजाय होली के आने के दो दिन पहले […]
शहादत दिवस पर विशेष आलेख रिपोर्ट : संजय पराते)* भगत सिंह को 23 मार्च, 1931 को फांसी की सजा दी गई थी और अपनी शहादत के बाद वे हमारे देश के उन बेहतरीन स्वाधीनता संग्राम सेनानियों में शामिल हो गये, जिन्होने देश और अवाम को निःस्वार्थ भाव से अपनी सेवाएं दी। उन्होंने अंगेजी […]

रिपोर्ट : मुकुल सरल जो ऐतिहासिक सच्चाई हमारे तमाम इतिहासकार, शोधकर्ता, सरकार का पूरा तंत्र और उसके तमाम जांच कमीशन नहीं खोज पाए, वो अब कुछ कमर्शियल फ़िल्म मेकर ढूंढ ले रहे हैं। अब लगता है कि हमें सच्चा इतिहास जानने के लिए इतिहास की किताबें पढ़ने की ज़रूरत नहीं है, बस दो-ढाई घंटे […]
Read More… from क्या अब हम ‘सच्चा इतिहास’ फ़िल्मों के ज़रिये पढ़ेंगे!
रिपोर्ट : राजेंद्र शर्मा बेशक, नरेंद्र मोदी के विरोधी कोई समूचे परिदृश्य से गायब ही नहीं थे। विपक्षी, जैसी कि उनकी जिम्मेदारी थी, इन भयंकर दंगों के संदर्भ में मोदी सरकार की विफलताओं और उसके चलते जान-माल के भयावह नुकसान के खिलाफ लगातार और जोरदार तरीके से आवाज उठा रहे थे। और विपक्षी, जिसमें […]
रिपोर्ट : मरियम ढवले अनुवाद : संजय पराते बिहार में दादा-दादी ने अपनी पोती की शादी के खर्च के लिए माइक्रो फाइनेंस संस्थान (एमएफआई) से ऋण लिया था। वे इसे चुकाने में असमर्थ थे। वे ट्रेन के आगे कूद गए और आत्महत्या कर ली। महाराष्ट्र में एक मां ने अपनी 6 वर्षीय बेटी से […]
Read More… from माइक्रो फाइनेंस संस्थानों के मकड़जाल में फंसी महिलाएं
रिपोर्ट : संजय पराते प्रेमचंद ने कहा था — “सांप्रदायिकता हमेशा संस्कृति की खाल ओढ़कर सामने आती है।” इसके साथ ही आज का सच यह भी है कि सांप्रदायिकता इतिहास का मिथ्याकरण करती है और मिथकों को इतिहास के रूप में पेश करती है। आज भाजपा-संघ पुराणों में विमान विज्ञान से लेकर अंग प्रत्यारोपण […]
Read More… from औरंगजेब की लानत-मलानत के बाद अब बेचारे मुहम्मद-बिन-तुगलक की बारी

रिपोर्ट : बादल सरोज पड़ना था ट्रम्प की बांह मरोड़कर टैरिफ कम करवाने की गुण्डई के पीछे ; मुद्दा बनना चाहिए था 144 साल में जैसी नहीं हुई शेयर मार्केट की वैसी गिरावट और छोटे और मंझोले निवेशकों के न जाने कितने लाख करोड़ डूब जाना ; चर्चा होनी चाहिए थी पाताल छूते रोजगार […]
Read More… from हिंदी-उर्दू विवाद : कमबख्त ने ये बात भी उर्दू में कही है!!
रिपोर्ट : राजेंद्र शर्मा भाषा के प्रश्न पर और खासतौर पर क्षेत्रीय अस्मिता के मुद्दे पर, दक्षिण भारत एक बार फिर गर्म हो रहा है। इसका उबाल तमिलनाडु में खासतौर पर ज्यादा है, जहां पहले भी 1960-70 के दशकों में, भाषायी प्रश्न पर उग्र विरोध सामने आया था। बहरहाल, कम से कम इस बार […]
राजनैतिक व्यंग्य समागम 1. हे भागवत जी, कुछ ऐसी भागवत-कथा कहो कि आपका श्रोता सुनते-सुनते सो जाए! : विष्णु नागर खबर है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रतिनिधि सभा की अगले महीने बंगलूरू में होने वाली बैठक में ‘हिंदू जागरण’ पर चर्चा होगी। यह अत्यंत शुभ विचार है, क्योंकि पिछले साढ़े दस साल […]
रिपोर्ट : जसविंदर सिंह सी पी आई (एम) की 24 वीं पार्टी कांग्रेस के राजनीतिक प्रस्ताव के मसौदे के जारी होते ही सी पी आई (एम) पर सवाल उठना शुरू हो गए हैं। सी पी आई (एम) पर बीजेपी के प्रति नरम रुख अपनाने की सिर्फ बात ही नहीं की जा रही है, बल्कि कभी-कभी […]
Read More… from फासिस्ट ताकतों को हराने और विकल्प देने का ठोस आकलन
