
रिपोर्ट : संजय पराते भाजपा आदिवासियों के विकास और उनकी भलाई के बारे में लंबे चौड़े-दावे करती है। इन दावों की पड़ताल जल-जंगल-जमीन पर उनके स्वामित्व के अधिकार के संदर्भ में की जानी चाहिए, क्योंकि अधिकांश आदिवासी आज भी वन क्षेत्र में रहते हैं और उनकी आजीविका भी जंगलों से प्राप्त उत्पादों पर ही […]