रिपोर्ट : बादल सरोज इन पंक्तियों के लिखे जाने के समय तक बागेश्वर धाम के धामाधीश धीरेन्द्र शास्त्री की कथित यात्रा चलायमान है। कहने को इसे हिन्दू धर्म के प्रचार और हिन्दुओं के एकीकरण की धार्मिक उद्देश्यों वाली यात्रा
कराहते बुन्देलखण्ड में उन्माद भड़काने की मुहिम


