स्वयं को बदलने से होता है परिवर्तन के लिए संघर्ष का आरंभ
विभिन्न संगठनों ने शोक सभा आयोजित कर मजदूर किसान नेता को दी श्रद्धांजलि
कोटा। आरपी तिवारी कर्मठ, जुझारू और बहादुर साथी थे। उन्होंने मजदूर वर्ग की विचारधारा को अपने जीवन में आत्मसात कर लिया था। यह बात बूंदी से आए मजदूर नेता खलील अहमद ने उनके निधन पर अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन केन्द्र और अखिल भारतीय किसान फेडरेशन द्वारा मांगलिक भवन छावनी में आयोजित शोक सभा ने कहा।
विजय सिंह पालीवाल ने कहा कि परिवर्तन के लिए संघर्ष का आरंभ स्वयं को बदलने से होता है। जब तिवारी जी ने मजदूर वर्ग के साथ संघर्ष में साथ रहने का निर्णय लिया, तब उन्होंने अपने जीवन को भी उसके अनुरूप बदला।
तिवारी जी के ज्येष्ठ पुत्र और इंश्योरेंस इन्वेटिगेटर राजीव तिवारी ने कहा कि उन्होंने न केवल स्वयं को बदला, बल्कि अपने साथ अपने परिवार और अपने आसपास के लोगों को भी बदला। उनमें मजदूर वर्ग के साथ खड़े होने की प्रतिबद्धता पैदा की।
शोक सभा में महेन्द्र पाण्डे, दिनेश राय द्विवेदी, शब्बीर अहमद खान, रमेश शर्मा, संजीव झा, राजेन्द्र जैन, नारायण शर्मा, सुभाष तिवारी आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। सभा की अध्यक्षता विजय सिंह राघव ने की और संचालन महेन्द्र नेह ने किया। सभा के उपरांत दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सभी ने उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित की।
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