38 वें दिन भी जेके फैक्ट्री के मजदूरों का अनिश्चित कालीन धरना
बकाया भुगतान की मांग को लेकर कोटा कलेक्ट्रेट पर 18 फरवरी से चल रहा जेके मजदूरों का अनिश्चित कालीन धरना गुरूवार को लगातार 38 वें दिन भी जारी रहा।
मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि गुरूवार के धरने का संचालन कामरेड अशोक सिंह ने किया। मजदूर नेताओं ने बताया कि जेके फैक्ट्री के मजदूरों में सरकार और जिला प्रशासन के प्रति रोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार धरने को जितना लम्बा करेगी, उतना ही जन आंदोलन का रूप लेता जाएगा। इसलिए जिला प्रशासन को धरने पर बैठे मजदूरों से बकाया वेतन दिलाने और फैक्ट्री चालू कराने के लिए सरकार के प्रतिनिधि मंडल से वार्ता का दौर शुरू करवाना चाहिए। फैक्ट्री की मशीनों को चोरी करने वाले आराफ़ात पर चोरी का मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही करनी चाहिए। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा कोटा आ रहे हैं। उनको जेके फैक्ट्री के मजदूरों से वार्ता करनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक सरकार को जेके फैक्ट्री के बेरोजगार, बेघर 4200 मजदूरों की सुध लेनी चाहिए। उनको 250 करोड़ से अधिक जो 27 साल से बकाया है, ब्याज जोड़कर 500 करोड़ का भुगतान करने के साथ कोटा के विकास के लिए आराफ़ात से लीज डीड रद्द कर व जेके फैक्ट्री राज्य सरकार को अपने अधीन कर उद्योग चलाने का उपक्रम करना चाहिए। ताकि कोटा की आम जनता का विकास हो ना कि किसी पूंजीपति को।
धरने को दिया जाएगा उग्र रूप
मजदूरों ने कहा कि अगर जेके फैक्ट्री के मजदूरों से मुख्यमंत्री ने वार्ता नहीं की तो धरने को उग्र रूप दिया जाएगा। फैसला सरकार के हाथ में है। वो क्या चाहती है। मजदूरों को बकाया वेतन दिलाकर घर भेजना चाहती है या मजदूरों सड़कों पर उतरने को मजबूर करना चाहती है। जब तक भुगतान नहीं हो जाता, तब तक सीटू के बैनर तले संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि 38 वें दिन धरने को संचालक मजदूर नेता कामरेड हबीब खान, कामरेड उमा शंकर, कामरेड नरेंद्र सिंह, कामरेड गोपाल शर्मा, कामरेड काली चरण, अली मोहम्मद, हनुमान सिंह, सतीश, वरिष्ठ मजदूर नेता योगेश चंद, महिला नेता पुष्पा खींची, जाहिदा बानो, रमा रघुवंशी, कामरेड केदार जोशी, मदन मोहन शर्मा आदि ने सम्बोधित किया।
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