बहराइच। मा. उच्च न्यायालय इलाहाबाद खण्ड पीठ लखनऊ तथा मा. राष्ट्रीय हरित अधिकरण नई दिल्ली द्वारा विभिन्न रिट याचिकाओं में में दिये गये आदेशों के अनुपालन में खनिज के परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण हेतु प्रदेश में उप खनिज यथा बालू, मौरंग, गिट्टी आदि के परिवहन करने वाले वाहनों का भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के पोर्टल एमआईएनआईएनजी डाट यूपी डाट डब्लूओआरके121 डाट काम पर पंजीयन कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इस सम्बन्ध में दी गयी व्यवस्था के तहत 01 अक्टूबर 2019 से सम्पूर्ण प्रदेश में पंजीकृत वाहनों पर ही उप खनिजों का परिवहन मान्य होगा। इस सम्बन्ध में प्रभारी खनन/नगर मजिस्ट्रेट जय प्रकाश ने सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन वीरेन्द्र कुमार, बालू खनन पट्टाधारकों तथा ट्रांसपोर्ट यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर शासन के नये दिशा निर्देशों की जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के अनुसार सभी पट्टा स्थलों पर तौल मशीन की व्यवस्था करना अनिवार्य होागा। बिना तौल मशीन के पट्टा संचालन की अनुमति नहीं दी जायेगी। श्री प्रकाश ने बताया कि भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत वाहनों को ही उप खनिज के परिवहन हेतु अनुमति प्रदान की जायेगी। पंजीयन प्रक्रिया की जानकारी देते हुए श्री प्रकाश ने बताया कि उप खनिज का परिवहन करने वाले सभी इच्छुक वाहन स्वामियों को विभागीय पोर्टल पर जाकर वाहन के पंजीकरण से सम्बन्धित समस्त अभिलेखों के साथ एक बार अपना पंजीयन करना होगा। पंजीयन के पश्चात प्राप्त (प्रिन्ट) प्रमाण-पत्र के साथ वाहन के पंजीकरण से सम्बन्धित समस्त अभिलेखों तथा वाहन स्वामी के पहचान पत्र व पते के प्रमाण-पत्र को संलग्न कर खान अधिकारी के कार्यालय में जमा करायेंगे तथा प्रिन्ट की एक प्रति पर प्राप्ति की सूचना खान अधिकारी कार्यालय से प्राप्त करेंगे।
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