बहराइच 05 अगस्त। शासन के प्राथमिकता वाले 70 सूत्री एवं 18 सूत्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में आहूत बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी शम्भु कुमार ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया कि चिकित्सालयों का मानक के अनुसार निरीक्षण किया जाये। निरीक्षण में अनुपस्थित मिलने वाले चिकित्सकों का वेतन बाधित करने की कार्यवाही के साथ-साथ लगातार अनुपस्थित रहने वाले चिकित्सकों की सेवा समाप्त करने की कार्यवाही की जाय। श्री कुमार ने यह भी निर्देश दिया कि आकस्मिक रूप से रात्रि के समय भी चिकित्सालयों का निरीक्षण कराएं।
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जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि थानों से आने वाले मेडिकोलीगल केसों को तत्काल चिकित्सालयों में भर्ती कराया जाय। एम्बुलेन्स की उपलब्धता की समीक्षा के दौरान निर्देश दिया गया कि समस्त एम्बुलेन्स के सभी उपकरण क्रियाशील रखा जाय और उपकरणों की क्रियाशीलता का सत्यापन भी प्रभारी चिकित्साधिकारी के स्तर से करा लिया जाय। मुख्य चिकित्साधिकारी को यह भी निर्देश दिया गया कि समस्त प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर मानक के अनुसार दवाओं इत्यादि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाय। मानक के अनुसार वित्तीय प्रगति न पाये जाने पर जिलाधिकारी ने अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि कम व्यय के कारणों का उल्लेख करते हुए विस्तृत आख्या उपलब्ध करायी जाये। संस्थागत प्रसव की समीक्षा के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया गया कि सभी निजी चिकित्सालयों तथा स्वास्थ्य उपकेन्द्रों से संस्थागत प्रसवों का आंकड़ा प्राप्त किया जाये। सूचना न देने तथा अनुमान से कम प्रसवों की सूचना देने वाले निजी चिकित्सालयों को नोटिस जारी किया जाय। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि ऐसे क्षेत्र जहाॅ से एई/एईएस के मामले सामने आये हैं वहाॅ पर विशेष रूप से साफ-सफाई, फागिंग तथा एण्टीलार्वल छिड़काव की कार्यवाही की जाय। श्री कुमार ने यह भी निर्देश दिया कि निर्माणाधीन स्वास्थ्य केन्द्र भवनों का सम्बन्धित प्रभारी चिकित्साधिकारी नियमित निरीक्षण कर आख्या सीएमओ को उपलब्ध करायें। कार्यदायी संस्था द्वारा मानक के अनुसार कार्य न कराये जाने पर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने की कार्रवाई की जाय। श्री कुमार ने यह भी निर्देश दिया कि विकास विभाग से सम्बन्धित विभागों को जहाॅ कहीं पर पुलिस के सहयोग की आवश्यकता महसूस हो तो ऐसे विभाग तत्काल पुलिस अधीक्षक को अवगत करा दें ताकि पुलिस बल की व्यवस्था की जा सके। पंचायती राज विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान डीपीआरओ के निरीक्षणों की संख्या मानक से कम पाये जाने पर जिला विकास अधिकारी को निर्देश दिया गया कि डीपीआरओ को नोटिस जारी करें। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिया गया कि समस्त बीडीओ व ईओ को इस आशय का पत्र भिजवाया जाय कि योजना के लिए निर्धारित मानकों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित कराएं। समस्त प्रकार की पेंशन योजनाओं की समीक्षा के दौरान सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिया गया जिला पूर्ति अधिकारी के कार्यालय से सम्पर्क कर आधार फीडिंग को बढ़वाये जाने का प्रयास करें। मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना की समीक्षा के दौरान निर्देश दिया कि स्वीकृति हेतु अवशेष परियोजनाओं के सम्बन्ध में शासन को पत्र प्रेषित करवाया जाय। पेयजल परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान निर्देश दिया गया कि पूर्ण और संचालित परियोजनाओं का डीडीओ सत्यापन कर आख्या उपलब्ध करा दें तथा शासन के निर्देशानुसार परियोजनाओं का संचालन सुनिश्चित कराया जाय। आईसीडीएस विभाग अन्तर्गत निर्माणाधीन आॅगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण कार्य की समीक्षा के दौरान काफी संख्या में भवन अपूर्ण पाये जाने तथा इस सम्बन्ध में कार्यदायी संस्थाओं से समन्वय न स्थापित करने तथा नवनिर्मित हस्तगत आॅगनबाड़ी केन्द्रों को संचालित न कराये जाने पर डीपीओ को नोटिस जारी करने तथा वेतन रोके जाने का निर्देश देते हुए निर्माण कार्यो की साप्ताहिक समीक्षा करते रहने का निर्देश सीडीओ को दिया गया। बैठक के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिनियम, नये सड़कों का निर्माण, गन्ना मूल्य भुगतान, विद्युत, कृषि, बेसिक शिक्षा, नगर निकायों इत्यादि विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डा. गौरव ग्रोवर, मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द चैहान, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सुरेश सिंह सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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