टायर जलाकर बपावर मेगा हाइवे पर लगाया जाम
रिहाई की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन
झालावाड़ अस्पताल के बाहर धरना देते समय पुलिस ने किया था गिरफ्तार
कोटा/ बपावरकलां। नरेश मीणा की गिरफ्तारी से गुस्साए समर्थकों ने रिहाई की मांग को लेकर मेगा हाइवे के बपावर चौराहे पर टायर जला कर सड़क जाम कर दी। साथ ही प्रदर्शन करते हुए धरने पर बैठ गए।
गौरतलब है कि झालावाड़ जिले के पिपलोदी गांव के स्कूल में घटी दुर्घटना के बाद शुक्रवार को अपनी जनक्रांति पदयात्रा बीच में छोड़कर घटना स्थल पर जा रहे नरेश मीणा को पुलिस ने अकलेरा टोल पर रोक लिया था। उसके बाद झालावाड़ अस्पताल में जहां हादसे में घायल बच्चे भर्ती हैं, धरने पर बैठ गए। जहां पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की सूचना मिलने पर समाज के लोगों एवं समर्थकों ने प्रशासन से रिहाई की गुहार लगाई। लेकिन नकारात्मक जवाब मिलने पर समर्थकों में आक्रोश व्याप्त हो गया। बपावर क्षेत्र के समर्थकों ने मेगा हाइवे पर जाम लगा दिया। साथ ही रिहा करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। मामले को उग्र रूप देते हुए सड़क पर टायर जलाकर नारेबाजी की। जाम से मेगा हाइवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई।
मौके पर पहुंचे आला अधिकारी
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने कनवास, सांगोद, देवलीमांझी थाने से अतिरिक्त जाब्ता बपावर के लि रवाना किया। मौके पर मौजूद सांगोद पुलिस उपाधीक्षक अनिल जोशी से ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने स्थिति की जानकारी ली। पुलिस प्रशासन के अधिकारियों द्वारा प्रदर्शन कर्ताओं से लगातार समझाइए की गई। यातायात में हो रही बाधा को दूर करने के प्रयास जारी है। मौके पर पुलिस के आला अधिकारियों सहित भारी संख्या में जाब्ता मौजूद है। वहीं नरेश मीणा के समर्थन में घटना स्थल पर पहुंचे पूर्व मंत्री राजेन्द्र गुढा ने कहा कि जब तक नरेश मीणा की रिहाई नहीं होती, तब तक धरना स्थल से नहीं हटेंगे।
प्रदर्शनकारियों ने मेगा हाइवे को किया खाली
वहीं पूर्व मंत्री राजेन्द्र सिंह गुढ़ा के धरना स्थल पर पहुंचने के बाद प्रदर्शन कारियों ने मेगा हाइवे खाली कर दिया। लेकिन हाइवे के एक साइड में समाज के लोगों का धरना जारी है। मेगा हाइवे से प्रदर्शन कारियों के हटने के बाद यातायात पूरी तरह बहाल हो गया है। कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर पल-पल की अपडेट ले रहे हैं। सुरक्षा को लेकर स्थानीय पुलिस जाब्ता मौके पर मौजूद है। प्रदर्शनकारियों ने सांगोद डीएसपी अनिल जोशी की समझाइश पर मेगा हाइवे को खाली किया।
आठ महीने बाद हुए थे रिहा
गौरतलब है कि टोंक जिले के समरावता में एसडीएम को थप्पड़ मारने के बाद नरेश मीणा को गिरफ्तार कर टोंक जेल भेज दिया गया था। इसके आठ माह बाद जमानत पर रिहा हुए नरेश मीणा जनक्रांति पदयात्रा निकाल रहे थे। जिसकी शुरूआत उन्होंने मनोहरथाना के कामखेड़ा बालाजी धाम के दर्शन करने के बाद की थी। जहां हादसा हुआ है और उसमें 7 बच्चों की मौत हुई है वह पिपलोद गांव मनोहरथाना ब्लॉक में ही लगता है। इसी कारण अपनी जनक्रांति यात्रा बीच में छोड़कर वो घटना स्थल पर जा रहे थे। लेकिन पहले अकलेरा टोल पर हिरासत में लेने के बाद झालावाड़ जिला अस्पताल में धरना देने के दौरान उनको फिर गिरफ्तार कर लिया गया है। इससे उनके समर्थक और समाज के लोग काफी आक्रोशित हैं।
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प्रदर्शनकारियों से समझाइश करके फिलहाल यातायात को सुचारू कराया गया है। फिलहाल प्रदर्शन स्थल पर आगे की स्थिति को लेकर हर तरीके से एहतियात बरती जा रही है। ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के निर्देशन पर पुलिस प्रशासन आगामी कार्यवाही करेगा।
-अनिल जोशी, पुलिस उपाधीक्षक, सांगोद
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