माकपा, किसान सभा और सीटू की संयुक्त बैठक में विरोध का ऐलान
-13 अगस्त को इटावा में एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन कर सौंपेंगे ज्ञापन
कोटा जिले के इटावा में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया के खिलाफ माकपा, किसान सभा और सीटू ने एकजुट होकर विरोध का ऐलान किया है। इटावा के मजदूर किसान भवन में सोमवार को आयोजित संयुक्त बैठक में निर्णय लिया गया कि 13 अगस्त को उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन कर एसडीएम इटावा को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। बैठक में स्मार्ट मीटर को जनता की लूट का जरिया बताते हुए इसके दुष्परिणामों पर चर्चा की गई और आम उपभोक्ताओं को जागरूक करने का संकल्प लिया गया।
इटावा के गैता रोड, वार्ड नंबर 6 स्थित मजदूर किसान भवन में माकपा तहसील सचिव मुकुटबिहारी जंगम, किसान सभा उपाध्यक्ष गुलाबचंद मीणा और सीटू तहसील अध्यक्ष गोपाललाल महावर की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित बैठक में स्मार्ट मीटर के खिलाफ रणनीति बनाई गई। बैठक का संचालन भवानी शंकर कुशवाह ने किया। मुकुट बिहारी जंगम ने कहा कि कोटा जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी जोरों पर है, जिसका संगठन लगातार विरोध कर रहा है। उन्होंने स्मार्ट मीटर को “जनता की लूट की मशीन” करार देते हुए कहा कि यह पुराने इलेक्ट्रॉनिक मीटर से 20-30% अधिक बिल लाता है। इसके अलावा, कोई स्थानीय जांच सुविधा न होने से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बैठक में सीटू महामंत्री मुरारीलाल बैरवा ने 26 जुलाई 2025 को संयुक्त मोर्चा की बैठक के निर्णयों का जिक्र करते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर के खिलाफ जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि निजी कंपनियों के कर्मचारियों को स्मार्ट मीटर लगाने से रोकें और जबरदस्ती की स्थिति में संगठन को सूचित करें।
ये हैं स्मार्ट मीटर के नुकसान
1.गोपनीयता का खतरा: स्मार्ट मीटर रियल-टाइम में बिजली खपत का डेटा भेजते हैं, जिससे उपभोक्ता की निजता पर खतरा मंडराता है।
2.अधिक बिलिंग: कई मामलों में बिलिंग में गड़बड़ी की शिकायतें हैं, जिससे उपभोक्ताओं को ज्यादा बिल चुकाना पड़ता है।
3.तकनीकी खराबी: मीटर में खराबी या गलत रीडिंग से बिजली आपूर्ति में रुकावट की आशंका।
4.हैकिंग का जोखिम: चिप-आधारित स्मार्ट मीटर हैकर्स का निशाना बन सकते हैं।
5.विकिरण की आशंका: लोगों ने स्मार्ट मीटर से हानिकारक विकिरण की चिंता जताई है।
6. लागत का बोझ: स्मार्ट मीटर की स्थापना लागत उपभोक्ताओं पर डाली जा सकती है।
7. पुराने मीटर पर वापसी असंभव: स्मार्ट मीटर लगने के बाद पुराना मीटर दोबारा नहीं लगाया जा सकता।
इन मांगों को लेकर सौंपेंगे ज्ञापन
सीटू महामंत्री मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि 13 अगस्त को स्मार्ट मीटर की स्थापना बंद करने, बिजली के निजीकरण पर रोक लगाने, अतिवृष्टि और बाढ़ से फसलों के नुकसान का मुआवजा देने आदि मांगों को लेकर सीएम के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
उपभोक्ताओं को करेंगे जागरूक
बैठक में भोजराज नागर, बाबूलाल शेरगढ़, नंदकिशोर प्रजापति, लालचंद रनोदिया और अन्य कार्यकर्ताओं ने सुझाव दिया कि गांव-गांव में पंपलेट बांटकर और स्मार्ट मीटर के नुकसान की जानकारी देकर उपभोक्ताओं को जागरूक किया जाए।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में राकेश कुमार, लटूरलाल, बाबूलाल सेन, द्वारकाप्रसाद, देवीशंकर महावर सहित गैंता, रनोदिया, कजलिया, बालूपा, दुर्जनपुरा, शहनावदा, जोरावरपुरा, शेरगढ़ और अन्य गांवों के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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