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Tuesday, July 21, 2026 4:10:40 PM

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प्रेमचंद के आदर्शों को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता

प्रेमचंद के आदर्शों को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता

विकल्प जन सांस्कृतिक मंच ने मनाई प्रेमचंद की 145 वीं जयंती
-तीन कथाकारों को दिया विकल्प कथा सम्मान

महान साहित्यकार प्रेमचंद की 145 वीं जयंती पर विकल्प जन सांस्कृतिक मंच की ओर से उनकी कहानियों और पात्रों के जीवन संघर्ष को केंद्र में रखकर समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रेमचंद की कहानी दो बैलों की कथा पर आधारित फिल्मी गीत और मंत्र कहानी की लघु फिल्म प्रदर्शन से हुआ। समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार दिनेश राय द्विवेदी ने की। उन्होंने कहा कि प्रेमचंद के आदर्शों को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता है। मुख्य अतिथि हिंदी ग्रंथ अकादमी के अध्यक्ष रमेश वर्मा ने प्रेमचंद के साहित्य को गरीब किसानों और मजदूरों की सच्ची कहानी बताते हुए इसे उनकी जीवन मूल्यों की पुनर्रचना बताया। दूसरे सत्र में तीन कथाकारों सुषमा अग्रवाल, डॉ. ज़ेबा फ़िज़ा और चांदलाल चकवाला को उनके कहानी लेखन के लिए विकल्प कथा सम्मान से सम्मानित किया गया। सुषमा अग्रवाल ने अपनी हिंदी कहानी विकलांग, डॉ. ज़ेबा फ़िज़ा ने उर्दू कहानी दाग़ और चंदालाल चकवाला ने हाड़ौती कहानी लाडो ठेका पे का प्रभावशाली वाचन किया। समीक्षक नारायण शर्मा और डॉ. नंद किशोर महावर ने कहानियों पर अपने विचार व्यक्त किए। डॉ. दीपक कुमार श्रीवास्तव को प्राइड ऑफ कोटा विकल्प सम्मान प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि हमें सोचना चाहिए कि यदि प्रेमचंद आज जीवित होते तो क्या अनुभव करते। गुरुदेव प्रभाकर साहेब ने कबीर और प्रेमचंद जैसे लेखकों की आज के समाज में प्रासंगिकता पर जोर दिया। कार्यक्रम का संचालन महेंद्र नेह ने किया। जबकि प्रथम सत्र में प्रेमचंद के फिल्मी योगदान का संयोजन विजय राघव (भारत ज्ञान विज्ञान समिति) ने किया।

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