जेके मजदूरों के धरने के समर्थन में कामरेड बृंदा करात की आमसभा में उमड़ा जनसैलाब
कोटा/ इटावा। कोटा में जेके फैक्ट्री के मजदूरों के चल रहे आंदोलन ने एक नया मोड़ लिया जब सीपीआई(एम) की राष्ट्रीय नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद कामरेड बृंदा करात ने उनके समर्थन में जिला कलेक्ट्रेट पर एक विशाल सभा को संबोधित किया।
सीटू के मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि 1997 में बंद हुई जेके फैक्ट्री के 4,200 मजदूरों को उनके बकाया वेतन, ग्रेच्युटी और अन्य ड्यूज दिलाने की मांग को लेकर 18 फरवरी से अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। कामरेड बृंदा करात ने अपने जोशीले भाषण में राजस्थान की बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “यह सरकार मजदूरों, किसानों और आम जनता को बर्बाद करने वाली नीतियों पर चल रही है। आठ महीने से अपने हक के लिए धरने पर बैठे मजदूरों को उनका बकाया वेतन तुरंत दिया जाए।” उन्होंने मांग की कि कोटा के विकास के लिए बंद जेके फैक्ट्री को पुनः शुरू किया जाए और युवाओं को रोजगार देने के लिए नए उद्योग स्थापित किए जाएं।
उग्र आंदोलन शुरू करेगी सीपीआईएम
कामरेड बृंदा ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, “लाल झंडे को हल्के में लेने की भूल न करें। केंद्र सरकार को किसान आंदोलन में काले कानून वापस लेने पड़े। राजस्थान में स्मार्ट मीटर और राजीविका सुविधा कर्मचारियों के आंदोलन में भी सरकार को लाल झंडे के दबाव में झुकना पड़ा।” उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि मजदूरों को 500 करोड़ से अधिक का बकाया वेतन जल्द नहीं दिया गया, तो सीपीआईएम जिला कमेटी के नेतृत्व में उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।
सभा को इन नेताओं ने भी किया संबोधित
सभा को सीपीआई(एम) जिला सचिव कामरेड हबीब खान, सीटू जिला महामंत्री कामरेड उमाशंकर, कामरेड नरेंद्र सिंह, राजीविका सुविधा कर्मचारी यूनियन की जिला महामंत्री गुड्डी बाई और महिला समिति की जिला अध्यक्ष रजनी शर्मा ने भी संबोधित किया। अन्य वक्ताओं में कामरेड अली मोहम्मद, अशोक सिंह, जाकिर हुसैन, महावीर प्रसाद, लटूरलाल, कालीचरण सोनी, केदार जोशी, सतीश त्रिवेदी और खलील भाई (बूंदी) शामिल रहे।
भारी बारिश में भी पूरे हाड़ौती से पहुंचे लोग
कॉमरेड बृंदा करात की आमसभा में कोटा, बूंदी, बारां सहित पूरे हाड़ौती से हजारों मजदूर, किसान और महिलाएं शामिल हुईं।
इटावा से कई सदस्यों ने लिया भाग
सीटू के मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि इटावा से उनके सहित सीपीआई(एम) तहसील सचिव कामरेड मुकुट बिहारी जंगम, कामरेड बाबूलाल बलवानी, कामरेड सूरजमल बैरवा, कामरेड प्रेम पेंटर आदि कई कार्यकर्ता सभा में पहुंचे। जिला सचिव सीपीआईएम कोटा कामरेड हबीब खान ने बताया कि यह सभा कोटा के मजदूर आंदोलन के इतिहास में एक ऐतिहासिक क्षण बन गई, जहां हजारों की संख्या में महिलाओं, मजदूरों और आम जनता ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की
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