204 वें दिन भी जारी रहा जेके फैक्ट्री के मजदूरों का अनिश्चित कालीन धरना
कोटा। बकाया भुगतान की मांग को लेकर कोटा कलेक्ट्रेट परिसर में 18 फरवरी से चल रहा जेके फैक्ट्री के मजदूरों का धरना मंगलवार को 204 वें दिन भी जारी रहा।
सीटू के मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजुद 1997 में बंद हुई कोटा उद्योग नगर की इस फैक्ट्री के 4200 मजदूरों का बकाया वेतन नहीं चुकाया गया है। जिससे मजदूरों में सरकार के खिलाफ काफी आक्रोश है। उन्होंने बताया कि सीटू से संबद्ध तीन मजदूर यूनियनों के नेतृत्व में कॉमरेड नरेंद्र सिंह, कॉमरेड हबीब खान और कॉमरेड उमाशंकर के संघर्षों के परिणाम स्वरूप 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने मजदूरों के पक्ष में फैसला सुनाया था। कोर्ट ने राजस्थान सरकार को फैक्ट्री की जमीन अधिग्रहण कर मजदूरों का बकाया वेतन चुकाने और फैक्ट्री को नए प्रमोटर को सौंपकर पुनः शुरू करने का आदेश दिया था, ताकि जिले की आर्थिक स्थिति में सुधार हो।
सरकार की जनविरोधी नीतियों को करेंगे उजागर
मजदूर नेताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक 4200 मजदूरों को ब्याज सहित बकाया वेतन नहीं मिलता, तब तक धरना जारी रहेगा। उन्होंने सरकार की जनविरोधी नीतियों और जनप्रतिनिधियों के दोहरे रवैये को उजागर करने की बात कही। नेताओं ने कहा कि वेतन भुगतान में देरी का जवाब क्षेत्र के मजदूर और जनता आगामी चुनावों में देगी।
204 वें दिन धरने को इन्होंने किया संबोधित
सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि धरने को 204 वें दिन कॉमरेड हबीब खान, नरेंद्र सिंह, उमाशंकर, अशोक सिंह, अली मोहम्मद, हनुमान सिंह, सतीश चंद्र त्रिवेदी, कालीचरण सोनी, उर्मिला बाई आदि ने संबोधित किया।
धरने में ये रहे मौजूद
धरने में मोहम्मद मंसूरी, मंगल सिंह, महावीर प्रसाद, केदार जोशी, गीता बाई, रहीसा बानो, राजकुमारी, चंद्रकला बाई, भूली बाई सहित सैकड़ों मजदूर, उनके परिवार और आमजन शामिल रहे। सभी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करवाने और कोटा के विकास के लिए फैक्ट्री को पुनः शुरू करने की मांग दोहराई।
व्हाट्सएप पर शेयर करें
No Comments









