कांग्रेस की जनाक्रोश रैली में उमड़ा जनसैलाब
कोटा के बड़ तिराहे से लेकर लक्खी बुर्ज तक नजर आई कार्यकर्ताओं की भीड़
हाथों में नारे लिखी तख्तियां लहराते हुए किया आक्रोश व्यक्त
कोटा। कोटा में कांग्रेस ने भाजपा की सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कोटा शहर और देहात से आए कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की नीतियों और कार्यशैली को लेकर कड़ा विरोध जताया।
डोटासरा ने कहा कि प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है और पहली बार इतना आक्रोश देखने को मिल रहा है। डोटासरा ने आरोप लगाया कि हाल की भीषण बाढ़ से हजारों लोग बेघर हो गए हैं और किसान पूरी तरह बर्बाद हो चुका है. “किसान से राम रुठ गया, राज से उम्मीद थी, लेकिन राजस्थान की सरकार भी निकम्मी साबित हुई है। किसी मंत्री में हिम्मत नहीं कि वह कलेक्टर से फोन पर बात कर मदद की मांग करे. कई दिनों तक लोग अपने जलमग्न आशियानों में परेशान रहे, लेकिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दौरा करने भी नहीं गए. डोटासरा ने कहा सीएम जनता के पैसे से मौज, मस्ती और टहल कर रहे हैं।
जनता की समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं
डोटासरा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात कर रहे हैं और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ समय बिता रहे हैं। जबकि जनता की समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा. उन्होंने कहा “सीएम और प्रशासन कहां हैं? कोई सुनने वाला नहीं है. बाढ़ में मौतें हो रही हैं और वीसी कर भाषण दिए जा रहे हैं।
विधानसभा अध्यक्ष पर बोला तीखा हमला
डोटासरा ने राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह बीजेपी की भाषा बोलते हैं। डोटासरा ने कहा “भारती भवन की पर्ची पर चर्चा कराते हैं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के इशारे पर काम कर रहे हैं। प्रतिपक्ष के नेताओं को बोलने नहीं दिया जाता। विधानसभा अध्यक्ष ने हमारे ऊपर नजर रखने के लिए कैमरे तक लगवा दिए हैं. महिला विधायकों की एक्टिविटी पर भी नजर जा रही है। हम इसका विरोध करेंगे और आगामी बजट सत्र में अविश्वास प्रस्ताव लाएंग।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एकजुटता की सलाह
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार जुमलों से चुनाव जीत लिया। दूसरी बार सेवा के शौर्य बालाकोट की बदौलत चुनाव जीता। ट तीसरा चुनाव वोट चोरी से ही जीता है। इस मुद्दे को लेकर राहुल गांधी उनकी कलई खोल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान में भी कोटा समेत कई सीटें वोट चोरी से ही जीती गई हैं। उन्होंने कांग्रेसियों से आग्रह किया कि तेरा मेरा छोड़कर राजस्थान की हक की लड़ाई के लिए ईंट से ईंट बजा दें।
किसान, मजदूर, गरीब की कोई चिंता नहीं
डोटासरा ने आरोप लगाया और कहा कि “मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बारे में अधिकारी हमें कहते हैं कि प्रदेश बर्बाद हो रहा है, आप लोगों को बोलना चाहिए। प्रदेश सरकार को किसान, शिक्षा, रोजगार, मजदूर, गरीब व महिला की चिंता नहीं है, वे केवल मीटिंग और वीसी में अनर्गल भाषण देते हैं, सिर दर्द की गोली खानी पड़ती है।
कांग्रेस के चुने गए निकाय अध्यक्षों को हटाया जा रहा
कोटा के मुद्दे पर डोटासरा ने कहा कि यहां से लोकसभा अध्यक्ष हैं, लेकिन सड़कों की हालत खराब है। बीजेपी के दलालों के कहने पर स्वीकृति निकल रही है, लेकिन कांग्रेस के चुने गए प्रधान और निकायों के अध्यक्षों को हटाया जा रहा है। कांग्रेस पार्षदों के कहने पर स्वीकृति नहीं निकल रही है।
कोचिंग की कोई नहीं ले रहा सुध
डोटासरा ने कहा कि कोटा कोचिंग संस्थानों से चंदा ले-लेकर बड़े पद प्राप्त कर लिए गए हैं, लेकिन आज इन कोचिंग संस्थानों की कोई सुध लेने वाला नहीं है। यहां पर ढाई लाख बच्चे आया करते थे, लेकिन अब संख्या आधी से भी कम हो गई है। हालात ऐसे हैं कि हॉस्टल और अपने घरों पर किराए से देने के लिए पीजी बना लिए गए हैं, लेकिन अब सब कुछ चौपट हो गया है। उनकी किश्त भी नहीं निकल रही है। इन लोगों की मदद करने वाला भी कोई नहीं है।
सरकार कौन चला रहा पता नहीं चल रहा
रैली में एआईसीसी के सचिव और पूर्व विधायक धीरज गुर्जर ने कहा कि प्रदेश में यह नहीं पता चल रहा कि सरकार कौन चला रहा है। सरकार को मुख्यमंत्री चला रहे हैं या दिल्ली चला रही है या फिर ब्यूरोक्रेसी चला रही है। अधिकारी इतने हावी हो गए हैं कि जनता के ऊपर जोर और जुल्म किए जा रहे हैं। अतिवृष्टि में फसलें बर्बाद हो गई है। केंद्र और राज्य सरकार बड़ी-बड़ी बातें कर रही है, लेकिन अभी तक कोई रहता किसान को राहत नहीं मिल पाई है। उनको मुआवजा तो दूर सर्वे भी उनकी ख़राब फसलों का नहीं हुआ है।
नेपाल की तरह क्रांति न हो जाए
पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने कहा कि मैं चुनौती पूर्वक अधिकारियों से कह रहा हूं कि सुधार कर लो, भारत जन क्रांति की ओर बढ़ रहा है, जिस तरह से नेपाल में क्रांति हुई है, उसी तरह से यहां भी क्रांति हो सकती है। भारत का व्यक्ति लोकतंत्र पर विश्वास करता है, लेकिन तानाशाह के खिलाफ बढ़ता हुआ गुस्सा नेपाल की घटना की तरह नोटिस दे रहा है। सरकारी व्यवस्था की संस्थाएं जब आम आदमी के खिलाफ न्याय की भावना के विपरीत काम करती हैं तो संविधान की आत्मा रोती है।
स्पेशल पैकेज से हो भरपाई
प्रहलाद गुंजल ने कहा कि “सत्ता का उपयोग जनता के लिए न्याय की जगह बेजा इस्तेमाल किया जा रहा है, मैं प्रशासन के लोगों को चुनौती दे रहा हूं, आप सुधार कर लो, अब 2 साल निकल गए हैं। कांग्रेस पार्टी का कार्यकर्ता आम आदमी की फरियाद लेकर जाता है तो मुलजिम की तरह बर्ताव किया जाता है। प्रहलाद गुंजल ने कहा कि अतिवृष्टि से जितना नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई पूरी की जाए। भारी बारिश से लाखों हेक्टेयर जमीन पड़त रह गई है।
किशोर सागर से कलेक्ट्रेट तक निकाली रैली
कांग्रेस की रैली के लिए बसों से कार्यकर्ता ग्रामीण अंचल से भी पहुंचे थे। जिससे काफी देर तर जाम के हालात बने रहे। इसके अलावा शहर से भी बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। यह सभी किशोर सागर पाल पर एकत्रित हुए, जहां से रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे और सर्किट हाउस के बाहर जनसभा आयोजित हुई। इस दौरान फतेहपुर विधायक हाकिम अली खां, पूर्व विधायक राम नारायण मीणा, पूनम गोयल, मीनाक्षी चंद्रावत, जिला अध्यक्ष रविंद्र त्यागी, भानु प्रताप सिंह, मनोज राजोरिया, महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राखी गौतम, नईमुद्दीन गुड्डू, अनूप ठाकुर, व अमीन पठान सहित कई नेता मंच पर मौजूद रहे।
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