नई शिक्षा नीति के खिलाफ कल बनारस में होने वाले धरना-प्रदर्शन में जाने से रोका
कोटा। कुन्हाड़ी पुलिस शुक्रवार को शिक्षक नेता अखिल भारतीय विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक संगठन के जोनल सचिव डॉ. रघुराजसिंह को घर से पकड़ कर थाने ले आई। जहां उन्हें बेवजह बैठाए रखा।
डॉ. परिहार शिक्षक नेता रघुराज परिहार ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि मुझे बनारस में 13 सितंबर को होने वाले शिक्षकों के धरना-प्रदर्शन में जाने से रोकने के लिए पुलिस ने ऐसा किया। डॉ. परिहार कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय में सहायक निदेशक रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुबह 8 बजे कुछ पुलिस कर्मी घर पहुंचे और जान-माल का खतरा बताते हुए थाने चलने को कहा। वे वाराणसी में प्रस्तावित राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने जाने वाले थे। वहां जाने से रोकने के लिए ही पुलिस ने यह सब किया। दोपहर 1:30 बजे तक थाने में रखा। इतने में ट्रेन छूट गई। साथ जाने वाले अन्य शिक्षक भी उनके बगैर नहीं गए। सूचना पर सीसवाली (बारां) गवर्नमेंट कॉलेज के प्रो. रवि नागर और धर्मराज मीणा समेत अन्य शिक्षक कुन्हाड़ी थाने पहुंचे। नागर का कहना है कि पूर्व सीएम अशोक गहलोत के हस्तक्षेप के बाद डॉ. परिहार को छोड़ा गया।
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पुलिस को छात्रों को भड़काने की सूचना मिली थी। इसलिए थाने लाकर पूछताछ की थी। संतुष्टि के बाद शिक्षक को छोड़ दिया गया।
-अरविंद भारद्वाज, सीआई, थाना कुन्हाड़ी
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