रिपोर्ट : संजय पराते भारत में पीएचडी शोध करने के इच्छुक किसी भी व्यक्ति को यूजीसी-नेट (राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा) देनी होती थी, जो 2024-25 तक भारतीय विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में 'सहायक प्रोफेसर' तथा 'जूनियर रिसर्च फेलोशिप और सहायक प्रोफेसर' के
भारतीय ज्ञान प्रणाली के नाम पर संघी दर्शन को पढ़ाने और वर्णाश्रमी समाज को बनाने की साजिश


