हिन्दू महाविद्यालय में हिन्दी सप्ताह का उद्घाटन रिपोर्ट – पल्लव पुष्पम एवं यश कुमार दिल्ली। नगरीकरण और पूंजीवाद ने हिंदी ही नहीं अपितु अन्य भारतीय भाषाओं के अस्तित्व को भी खतरे में डाल दिया है। निरंतर सड़कों का जाल बढ़ने से और भारतीय समाज पर बढ़ते पूंजीवाद के प्रभाव की वजह से लगातार स्थानीय […]
Read More… from नगरीकरण और पूंजीवाद के कारण भाषाओं का अस्तित्व खतरे में – प्रो. जगदीश्वर चतुर्वेदी































