माकपा कार्यकर्ताओं ने एसडीएम कार्यालय पर किया प्रदर्शन
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
इटावा/ कोटा। पीपल्दा विधानसभा क्षेत्र में लगातार तेज बारिश से सोयाबीन, उड़द जैसी खरीफ फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं और हजारों मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। किसानों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है, लेकिन सरकारी स्तर पर अभी तक कोई ठोस राहत नहीं मिली। इसी मुद्दे को लेकर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के कार्यकर्ताओं ने उपखंड कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। साथ ही अतिवृष्टि से नष्ट फसलों और क्षतिग्रस्त मकानों के मुआवजे की मांग को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन सौंपा।
पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही मुआवजा नहीं दिया गया, तो बड़े स्तर पर सड़क पर आंदोलन छेड़ा जाएगा। पार्टी के तहसील सचिव कमरेड मुकुट बिहारी जंगम के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन भेंट किया। इसमें किसानों की क्षतिग्रस्त फसलों की तत्काल गिरदावरी, सरकारी मुआवजा व अनुदान जारी करने, फसल बीमा क्लेम का तुरंत भुगतान, खाद की उपलब्धता, कर्ज माफी, 10 घंटे बिजली आपूर्ति और रबी फसल की बुआई के लिए पांच दिनों में मुआवजा सुनिश्चित करने जैसी मांगें शामिल हैं।
घोषणाओं पर अमल करे सरकार
कमरेड जंगम ने कहा कि सरकार ने क्षतिग्रस्त फसलों के मुआवजे की घोषणा तो की है, लेकिन उसे अमल में लाना जरूरी है। रबी बुआई के लिए किसानों को तत्काल राहत मिलनी चाहिए, वरना उनकी परेशानी और बढ़ जाएगी। पार्टी ने अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए आपदा कोष से मुआवजा वितरण और कृषि उपज मंडी इटावा द्वारा 102 किसानों का बकाया एक करोड़ 46 लाख रुपए के भुगतान की भी मांग की है।
अभी तक नहीं हुई फसलों की गिरदावरी
पार्टी के संयुक्त सचिव कमरेड मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि पूर्व में धरना-प्रदर्शन के बावजूद संबंधित विभाग ने फसलों की गिरदावरी नहीं कराई। अब बची फसलों पर भी बारिश का खतरा मंडरा रहा है, जिससे किसान चिंतित हैं।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
कार्यकर्ताओं ने कहा कि पीपल्दा-कोटा क्षेत्र के अलावा पूरे प्रदेश के किसानों के हित में अधिकारियों से कार्रवाई कराई जाएगी। यदि मांगें पूरी न हुईं, तो आंदोलन तेज होगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की होगी।
प्रदर्शन करने वालों में ये रहे शामिल
माकपा संयुक्त सचिव मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन करने वालों में कमरेड अमोलक चंद, गोपाललाल महावर, चेतनप्रकाश मीणा, बाबूलाल बलवानी, सूरजमल बैरवा, प्रेम पेटर, प्रभुलाल, लोकेन्द्र मीणा समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे।
व्हाट्सएप पर शेयर करें
No Comments









