केंद्र की मजदूर-विरोधी नीतियों के खिलाफ कोटा में सीटू का हल्लाबोल
कोटा कलेक्ट्रेट गेट पर उबला गुस्सा, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
कोटा। केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई चार नई श्रम संहिताओं के खिलाफ बुधवार को जिला कलेक्ट्रेट गेट पर सीटू के राष्ट्रीय आह्वान पर जोरदार प्रदर्शन हुआ।
सीटू जिला अध्यक्ष कामरेड राकेश गालव, जिला महामंत्री उमाशंकर, मजदूर नेता कामरेड हबीब खान, कामरेड नरेंद्र सिंह समेत विभिन्न यूनियनों के सैकड़ों मजदूर, महिलाएं, किसान और कर्मचारी एकत्र हुए। मजदूरों ने इन संहिताओं को “मजदूर-विरोधी और पूंजीपतियों के हित में” बताते हुए श्रम कानूनों की प्रतियां जलाकर भारी आक्रोश जताया। “अधिकार छीनने का षड्यंत्र”प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीटू जिला महामंत्री उमाशंकर ने कहा कि ये चारों श्रम संहिताएं मजदूरों को अधिकार देने के बजाय उनके मौजूदा अधिकार भी छीन रही हैं। यूनियन बनाने की स्वतंत्रता सीमित होगी, ठेका प्रथा को बढ़ावा मिलेगा और मजदूर ठेकेदारों की मनमानी के शिकार बन जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले पांच साल से ट्रेड यूनियनों के लगातार विरोध को नजर अंदाज कर सरकार ने पूंजीपतियों के इशारे पर ये कानून थोपे हैं।
हिटलरशाही पर तीखा हमला
जिला अध्यक्ष कामरेड राकेश गालव ने कहा कि हिटलरशाही अंदाज में मजदूरों के अधिकार पूंजीपतियों के हवाले करना लोकतंत्र पर सीधा हमला है। उन्होंने सभी मजदूर संगठनों से एकजुट होकर इन संहिताओं का पुरजोर विरोध करने का आह्वान किया।
प्रदर्शन के बाद निकाला जुलूस
प्रदर्शन के बाद सीटू के नेतृत्व में विशाल जुलूस निकाला गया और जोरदार नारेबाजी के बीच जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम संयुक्त ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में चारों श्रम संहिताओं को तत्काल रद्द करने की मांग की गई। चेतावनी दी गई कि अगर सरकार इन्हें वापस नहीं लेती तो संयुक्त ट्रेड यूनियन अनिश्चितकालीन आंदोलन करेंगी।
प्रदर्शन के दौरान ये रहे मौजूद
प्रदर्शन के दौरान जेके सिंथेटिक की तीनों यूनियनों के नेता कामरेड हबीब खान, उमाशंकर, नरेंद्र सिंह, किसान नेता दुलीचंद बोरदा, राजीविका यूनियन कोषाध्यक्ष संतोष, महिला समिति जिला अध्यक्ष रजनी शर्मा, कामरेड जाकिर हुसैन, इटावा निर्माण मजदूर यूनियन महामंत्री मुरारीलाल बैरवा, शिक्षक नेता बाबूलाल बलवानी, एचएमएस महिला नेता चम्पा वर्मा, राजस्थान सीटू के महेंद्र नेह, कर्मचारी महासंघ जिला मंत्री अशोक लोदवाल सहित सैकड़ों मजदूर, महिलाएं, किसान और कर्मचारी शामिल हुए।
इटावा के सीटू पदाधिकारियों ने भी की शिरकत
प्रदर्शन में इटावा से सीटू महामंत्री मुरारीलाल बैरवा के नेतृत्व में कई सदस्यों ने शिरकत की। जिले भर से पहुंचे प्रदर्शन कारियों ने सरकार की “कारपोरेट परस्त” नीतियों के खिलाफ एक स्वर में नारे लगाए और श्रमिक हितों की रक्षा की मांग दोहराई।
व्हाट्सएप पर शेयर करें
No Comments









