अखिल भारतीय किसान सभा की बैठक में लिया निर्णय
इटावा/ कोटा। अखिल भारतीय किसान सभा तहसील कमेटी की बैठक रविवार को तहसील अध्यक्ष महेंद्र सुमन की अध्यक्षता में आयोजित हुई। जिसमें मुख्य अतिथि किसान सभा जिलाध्यक्ष दुलीचंद बोरदा रहे।
जिलाध्यक्ष दुलीचंद बोरदा ने कहा कि डबल इंजन की सरकारें लगातार किसान विरोधी नीतियां लागू कर किसानों को बर्बाद करने का काम कर रही हैं। इस वर्ष अतिवृष्टि के कारण किसानों की खरीफ फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। लेकिन अब तक सरकार द्वारा न तो मुआवजा दिया गया है और न ही बीमा क्लेम जारी हुआ है। यह सरकार के किसान विरोधी रवैये को साफ दर्शाता है। उन्होंने अपील की कि किसानों को संगठन को गांव-गांव तक मजबूत बनाते हुए संघर्ष को और तेज करना होगा। तभी खेती किसानी और किसानों के बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सकेगा।
सदस्यता अभियान शुरू करने का निर्णय
बैठक में सभी प्रतिनिधियों ने तहसील सम्मेलन को सफल बनाने के लिए गांव-गांव में सदस्यता अभियान शुरू करने का निर्णय लिया। बागड़ी ने बताया कि खरीफ 2025 में प्राकृतिक आपदा व अतिवृष्टि से मकानों व फसलों को हुए नुकसान का अब तक कोई मुआवजा किसानों को नहीं मिला है। यदि जल्द राहत राशि जारी नहीं होती है तो पीपल्या तहसील में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
11 वां तहसील सम्मेलन 17 दिसंबर को
तहसील सचिव कमल बागड़ी ने बताया कि पीपल्दा तहसील के जागरूक किसानों का 11वां तहसील सम्मेलन 17 दिसंबर को परालिया फार्म हाउस, गुमानपुरा रोड इटावा पर आयोजित होगा। जनप्रतिनिधियों की राय के आधार पर किसानों की समस्याओं को लेकर संघर्ष की रूपरेखा तय की जाएगी। साथ ही आगामी तीन वर्षों के लिए 11 सदस्यीय नई तहसील कमेटी का चुनाव भी किया जाएगा।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में महेंद्र सुमन, मुकुट बिहारी जंगम, बाबूलाल बलवानी, चेतन प्रकाश डोली, रघुनाथ मीणा, गौरीशंकर मीणा बांगरोद, भोजराज नागर, भवानीशंकर कुशवाहा, रामहरी मीणा, सत्यनारायण मीना, सूरजमल मीणा, रामचरण मीणा, हरिओम मीणा, बीरबल मीणा, भवानी शंकर सुमन, प्रेम पेंटर, द्वारका प्रसाद महावर सहित तहसील कमेटी पदाधिकारी उपस्थित रहे।
व्हाट्सएप पर शेयर करें
No Comments









