इंडो नेपाल बार्डर एन एच 27 पर सरेआम हो रही डीजल-पेट्रोल मादक पदार्थों में बढ़ौतरी आख़िर क्यों नहीं नशे कि लत जो ले डूबी है क्षेत्र नानपारा तक नशीली दवाएं कोडीन सिरप जीवन उपयोगी की वजहें मौत का काला सौदा हो रहा है
कोरेक्स ऑल्टोरेक्स कि नई खेप 15 जुलाई मैनुफैक्चरिंग की लाड जिसका फ़ायदा करोड़ो में नानपारा बाबागंज बहराइच जैसी ड्रिस्टिब्यूटर बडे़ मात्रा में बिना लाईसेंस के काले दामों से जान लेवा ऑल्टोरेक्स टी कोयोरेक्स नेटरवेट नाइट्राजीफर्म जैसी अन्य दवा का करोड़ो में पहुंची रूपईडीहा में
हर एक मेडिकल पर अवैध सीरप 500 सीसी से ज्यादा बिकती है आपको बता दे कि 20 से 24 रुपए की सिरप 250 कि मिलती है 43 रुपए की खासी की सिरप 300 रुपए की जिससे सरकार द्वारा नशा मुक्त अभियान चलाया गया का कोई मतलब ही नहीं इंडो नेपाल बॉर्डर पर रूपईडीहा कस्बा चकिया रोड से लेकर बाबागंज तक मेडिकल ही मेडिकल रूपईडीहा कस्बा में पश्चिम चकिया रोड़ इंडो नेपाल मार्ग एन एच 27 पर 50 से ज्यादा स्थित है
की तस्करी, बाइक पर लादकर बेखौफ बिहार पहुंचते हैं तस्कर ।
सीमावर्ती क्षेत्र भारत नेपाल खुली सीमा तस्करों का सेफ जॉन बनने की जानकारी मिली है. एक तरफ आमजन जहां वैश्विक महामारी कोरोना को लेकर परेशान रहे. तो कोरोना को लेकर जारी लॉकडाउन को तस्करों द्वारा जरूर आपदा को अवसर के रूप में तब्दील करता दिखा. गौरतलब है कि भारत नेपाल सीमा की निगहबानी को लेकर जहां जगह जगह पर सीमा सुरक्षा बल की तैनाती है दूसरी ओर पूरब उत्तर दिशा का इलाका खाली है रोड बेस स्टैंड रूपईडीहा रेलवे स्टेशन लहरपुरवा निबिया गांव ऐसे कई रस्ते गोपनीय है जहां पर कोई खास तौर पे निगरानी नहीं है ऐसे में तस्करों का मेल भाव बहोत अच्छा बनता है और वो अपना तस्करी का काम दिन दहाड़े इस काले काम को अंजाम देते है ।
थाना रूपईडीहा इस मामले में कोई दिलचस्बी नहीं दिखाती रूपईडीहा रोड स्टेशन रोड ऐसी कई बडे़ हाईवे है जहां दूर दूर तक एक भी प्रशासनिक तौर पर अपनी जिमोदारियो को भूल चुके है ।
उसमे से कुछ सिपाही बिना वर्दी के रोड पर नेपाल से आने वाले व्यक्ति पर सीधा ढाबा बोलते है दवाएं कि दुकानों में घुस कर पैसा वा गल्ला का रुपए अपनी जेब में रख रख कर अथवा फोन छीन लेते है रूपईडीहा द्वारा काफ़ी ढिलाई बरतने से समाज में घटना घटित होती जा रही है जिनपर कोई एक्शन नहीं
आपको बता दे की हाल में ही 30 गाड़ी मोटर साइकल जबरन पुलिस प्रशासन द्वारा उठा लिया गया था जिसमे हर एक नागरिक से 10 से 20 हजार रुपए लिए गए दूसरा मामला रूपईडीहा थाना से चालान अभियान द्वारा एक पिकप लोकल गाड़ी जो कि साइड में खड़ी थी उसका चालान 11500 का काटा गया ना कोइ रशीद न कोई कागज़ सीधा गाली हर एक ठेले वालों से अभद्र शब्द का यहां इस्तेमाल क्या जाता है सब अपनी काली कमाइयो का जरिया बना के फ़ायदा उठा रहे है जिससे कानून व्यवस्था सिर्फ नाम का है
इन सभी मामलों में एस पी सुजाता सिंह का निर्देष नहीं काम आता है उन्हे नाजायज मुकदमों कि तह तक जा कर उसकी सच्चाई पढ़नी चाहिए ना कि झूठी हेड लाईन
पुलिस की तैनाती है. इसके बावजूद तस्करों द्वारा रात के अंधेरे में क्या दिन के उजाले में बगैर किसी खौफ के एसएसबी व स्थानीय प्रशासन के नाक के सामने से डीजल पेट्रोल की तस्करी जोरों पर रही
सीमावर्ती क्षेत्रों में रह रहे लोगों की माने तो बगैर प्रशासन के सहयोग से या फिर आपसी रजामंदी के आखिर तस्करों द्वारा खुलेआम तस्करी कैसे की जा सकती है. डीजल पेट्रोल से लदा बाइक सवार को नेपाल से गरैया पहुंसी के रास्ते, सोनामनी गोदाम से पगडेरा के रास्ते कभी भी आसानी से देखा जा सकता है
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