बकाया भुगतान की मांग को लेकर 147 दिन से धरने पर बैठे जेके मजदूरों को करेंगी संबोधित
कोटा/ इटावा। प्रसिद्ध सीपीआईएम नेता और पोलित ब्यूरो सदस्य वृंदा करात की कोटा में आमसभा 18 जुलाई को प्रस्तावित है। जहां वो बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर 18 फरवरी से कोटा कलेक्ट्रेट पर धरने पर बैठे जेके फैक्ट्री के मजदूरों को संबोधित करेंगी।
सीटू के मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि बकाया वेतन की मांग को लेकर 18 फरवरी से कोटा कलेक्ट्रेट पर चल रहा जेके मजदूरों का धरना 147 वें दिन भी भारी बारिश के बावजूद जारी रहा। धरने का संचालन करते हुए जेके मजदूर नेता कॉमरेड अशोक सिंह ने कहा कि मजदूरों के यूनियन फॉर्म भरकर दस्तावेज जमा किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 18 जुलाई 2025 को कॉमरेड वृंदा करात की सभा धरने के समर्थन में होगी, जिसकी तैयारियों को लेकर मजदूरों, खासकर महिला मजदूरों में खासा जोश है। धरने में मौजूद मजदूरों का गुस्सा सरकार के खिलाफ बढ़ता जा रहा है। तेज बारिश के बावजूद मजदूरों की उपस्थिति उनके अटूट हौसले को दर्शाती है। मजदूर नेताओं कॉमरेड हबीब खान, उमाशंकर, नरेंद्र सिंह, सतीश त्रिवेदी, लटूरलाल बैरवा, सीताराम, कालीचरण सोनी और हनुमान सिंह ने जिला प्रशासन और कोटा के जनप्रतिनिधियों को चेतावनी दी कि जब तक 4200 मजदूरों का 28 साल से बकाया वेतन, जो ब्याज सहित 500 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है, का भुगतान नहीं होता और सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू नहीं किया जाता, तब तक सीटू के बैनर तले यह अनिश्चित कालीन धरना जारी रहेगा। नेताओं ने कोटा की जनता, मजदूरों, किसानों, महिलाओं, छात्रों और युवाओं से 18 जुलाई को होने वाली कॉमरेड वृंदा करात की सभा को सफल बनाने के लिए कलेक्ट्रेट पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की।
मजदूरों की समस्याओं को लेकर बैठक
सीटू जिला महामंत्री कॉमरेड उमाशंकर ने बताया कि आज श्रम विभाग में श्रम आयुक्त, कोटा द्वारा श्रमिक संगठनों के साथ मजदूरों की समस्याओं के समाधान हेतु बैठक हुई। इसमें निर्माण मजदूर यूनियन (सीटू) के प्रतिनिधि कॉमरेड अली मोहम्मद ने श्रमिक योजनाओं का लाभ, श्रमिक कार्ड निर्माण और नवीनीकरण में हो रही समस्याओं का समाधान करने की मांग रखी।
पूंजीपतियों के हित साध रही सरकार
मुरारीलाल बैरवा ने कहा कि आगामी शुक्रवार को धरना 150 दिन पूरे करेगा। उसी दिन माकपा की राष्ट्रीय नेता कॉमरेड वृंदा करात कोटा आएंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन कोटा के नेताओं को मजदूरों ने वोट देकर सत्ता तक पहुंचाया, वे केवल पूंजीपतियों के हित साध रहे हैं और मजदूरों की पीड़ा को अनदेखा कर रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि फैक्ट्री और उसकी जमीन को केडीए के अधीन करने के बाद अब राज्य सरकार मजदूरों का 500 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया वेतन दिलाने में हस्तक्षेप करे।
तेज बारिश के बावजूद धरने पर डटे हैं मजदूर
सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि तेज बारिश के बावजूद दर्जनों जेके मजदूर, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हैं, अपने हक के लिए धरने पर डटे हुए हैं। यह संघर्ष बकाया वेतन के भुगतान तक जारी रहेगा। सरकार को जल्द से जल्द मजदूरों से वार्ता कर समाधान निकालना चाहिए।
व्हाट्सएप पर शेयर करें
No Comments









