निर्माण मजदूर यूनियन सीटू का सातवां तहसील सम्मेलन संपन्न
इटावा/ कोटा। निर्माण मजदूर यूनियन (सीटू) का सातवां तहसील सम्मेलन कोटा रोड बायपास पर अम्बेडकर भवन, इटावा में सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। जिसमें सीटू जिला महामंत्री कामरेड उमाशंकर ने पर्यवेक्षक के रूप में शिरकत की। वहीं मुख्य अतिथि माकपा जिला सचिव कामरेड हबीब खान, किसान सभा जिला अध्यक्ष कामरेड दुलीचंद बोरदा और निर्माण मजदूर यूनियन जिला कमेटी के कामरेड अली मोहम्मद तहसील सम्मेलन में मौजूद रहे।
सम्मेलन का उद्घाटन कामरेड गोपाल लाल महावर ने सीटू का झंडा फहराकर और शहीद वेदी पर पुष्प अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि देकर की।संचालन कामरेड मुकुट बिहारी जंगम ने किया। अध्यक्ष मंडल में कामरेड रामनारायण पहाड़िया, भोजराज नागर, महेंद्र सुमन, चेतन प्रकाश मीणा, हबीब खान, उमाशंकर, और अली मोहम्मद शामिल रहे। महामंत्री मुरारीलाल बैरवा ने यूनियन की रिपोर्ट प्रस्तुत की। जिसमें मजदूरों और आमजनता के हित में किए गए कार्यों का विवरण दिया गया। रिपोर्ट को सर्वसम्मति से पारित किया गया। मुख्य वक्ता कामरेड दुलीचंद बोरदा और मुख्य अतिथि कामरेड हबीब खान ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार मजदूर विरोधी है और श्रमिक योजनाओं को बंद कर रही है। इसके खिलाफ मजदूरों और आमजनता को एकजुट होकर आंदोलन करना होगा। उन्होंने स्मार्ट मीटर के खिलाफ 26 जुलाई को कोटा में होने वाली मजदूर, किसान संगठनों और सीपीआईएम कार्यकर्ताओं की बैठक का उल्लेख किया। जिसमें उन्होंने बताया कि इटावा सहित कोटा जिले में स्मार्ट मीटर के विरोध में आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। सम्मेलन में 17 सदस्यीय तहसील कमेटी का चुनाव हुआ। जिसमें कामरेड गोपाल लाल महावर को तहसील अध्यक्ष, प्रेम पेंटर को कोषाध्यक्ष और मुरारीलाल बैरवा को तीसरी बार महामंत्री चुना गया। उपाध्यक्ष पदों पर देवीशंकर महावर, अमोलक चंद, शंकर लाल, रामनारायण पहाड़िया और भवानी शंकर सुमन चुने गए। सह-सचिव के रूप में अली मोहम्मद कोटा, जाकिर हुसैन कोटा, बबलू शेरावत, राकेश कुमार, मुकेश प्रजापति, रामफूल महावर और रवि प्रकाश चुने गए। एक महिला पदाधिकारी का पद रिक्त रखा गया है, जिसे तहसील कमेटी नियुक्त करेगी।
सम्मेलन में ये प्रस्ताव हुए पारित
सम्मेलन में सर्वसम्मति से केंद्र सरकार द्वारा मजदूरों के 44 श्रम कानूनों को खत्म कर बनाए गए चार लेबर कोड को रद्द करने और पुराने श्रम कानूनों को लागू करने के लिए आंदोलन तेज करने, किसानों की समस्याओं, एमएसपी गारंटी कानून और अतिवृष्टि से हुए नुकसान के मुआवजे के लिए पीपल्दा उपखंड में आंदोलन शुरू करने आदि प्रस्ताव पारित हुए। साथ ही स्मार्ट मीटर के खिलाफ बिजली विभाग का विरोध करने और आमजनता से आंदोलन में शामिल होने की अपील की गई।
इन मांगों को लेकर आंदोलन की बनी रणनीति
सीटू महामंत्री मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि सम्मेलन में मजदूर विरोधी चार लेबर कोड रद्द करने, सरकारी संस्थानों का निजीकरण बंद करने, 1996 के मूल श्रमिक कानून लागू करने, असंगठित मजदूरों को 10 हजार रुपये मासिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन देने, समान काम का समान वेतन और 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन करने, निर्माण मजदूरों के लिए छायादार चौराहों और शौचालयों की व्यवस्था करने, श्रमिक बच्चों को कक्षा 1 से छात्रवृत्ति दिए जाने, शहरी रोजगार गारंटी योजना लागू करने, श्रम विभाग में निरस्त आवेदनों को पुनः खोलकर सहायता राशि प्रदान करने, शुभशक्ति योजना के बंद पोर्टल को चालू कर भुगतान करने, श्रम कल्याण बोर्ड से लिए गए 385.50 करोड़ रुपये ब्याज सहित वापस करने, श्रम कल्याण बोर्ड का शीघ्र गठन करने, श्रमिक आवेदनों का सत्यापन स्थानीय यूनियन से करवाए जाने, स्मार्ट मीटर लगाना बंद करने आदि मांगों को लेकर आंदोलन की रणनीति बनाई गई। सम्मेलन में कामरेड अली मोहम्मद ने मजदूरों की मेहनत की प्रशंसा करते हुए काव्यात्मक प्रस्तुति दी। सम्मेलन का समापन नवनिर्वाचित अध्यक्ष के धन्यवाद संबोधन और आंदोलन को मजबूत करने के नारों के साथ हुआ।
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