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Tuesday, October 20, 2026 5:03:30 AM

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सरकारी स्कूल का‌ भवन ढहा, 7 बच्चों की मौत, 21 घायल, 9 गंभीर

सरकारी स्कूल का‌ भवन ढहा, 7 बच्चों की मौत, 21 घायल, 9 गंभीर

झालावाड़ जिले के मनोहरथाना क्षेत्र के पिपलोदी गांव में हुआ हादसा

हादसे में मृत मीना और कान्हा दोनों बहन-भाई

गुस्साए लोगों ने किया प्रदर्शन, हेडमास्टर सहित 5 शिक्षक सस्पेंड

कोटा/ मनोहरथाना। झालावाड़ जिले के मनोहरथाना ब्लॉक के पिपलोदी गांव के सरकारी स्कूल के भवन का एक हिस्सा शुक्रवार सुबह भरभराकर गिरने से 7 बच्चों की मौत हो गई। हादसे में 21 घायल हुए हैं जिनमें से 9 गंभीर हैं।
हादसे की सूचना मिलते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाकर बच्चों को निकाला और अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार 5 बच्चों की मौत मौके पर ही हो गई थी। जबकि दो ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतकों में दो सगे भाई-बहन हैं। गुस्साए लोगों के प्रदर्शन करने के बाद शिक्षा विभाग ने हेडमास्टर सहित 5 शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार को सुबह से ही बारिश हो रही थी। प्रार्थना का समय हुआ तो सभी क्लास के बच्चों को स्कूल ग्राउंड में इकट्‌ठा करने की बजाय कमरे में बैठा दिया गया, ताकि वे भीगें नहीं। इसके कुछ देर बाद ही छत गिर गई और बच्चे दब गए। स्कूल में कुल 7 क्लासरूम हैं। हादसे के दौरान स्कूल में 2 टीचर मौजूद थे। लेकिन छत गिरने के वक्त दोनों बिल्डिंग से बाहर थे। इसलिए दोनों सुरक्षित रहे।
सूचना पाते ही बदहवास माता-पिता स्कूल की तरफ दौड़ पड़े। सभी इमारत के मलबे में दबे अपने बच्चों की तलाश करते रहे। गांव वालों ने भी मदद की। लेकिन सभी को बचाया नहीं जा सका।
वहीं स्कूल में पढ़ने वाली बच्ची वर्षा राज क्रांति ने बताया कि छत गिरने से पहले कंकड़ गिर रहे थे। बच्चों ने बाहर खड़े टीचर्स को इसकी जानकारी दी। लेकिन उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया और थोड़ी देर बाद ही छत गिर गई।

3 दिन पहले कैंसिल कर दी थी 10 दिन की छुट्टी

स्कूल के कुक व हेल्पर श्रीलाल भील ने बताया कि करीब 3 दिन पहले स्कूल में 10 दिन के लिए छुट्टी करने की बात सामने आई थी। लेकिन एक दिन की छुट्टी के बाद स्कूल फिर खोल दिया गया।

जर्जर भवनों की लिस्ट में इस स्कूल का नहीं था नाम

जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ के मुताबिक स्कूल शिक्षा विभाग को पहले ही निर्देश दिए गए थे कि जो भी जर्जर भवन हों वहां स्कूलों की छुट्टी कर दी जाए। लेकिन न तो यह स्कूल जर्जर भवन की सूची में था, और न ही यहां बच्चों की छुट्टी की गई।

इन 5 शिक्षकों को किया गया निलंबित

मामले में शिक्षा विभाग ने स्कूल की हेड मास्टर मीना गर्ग के साथ टीचर जावेद अहमद, रामविलास लववंशी, कन्हैयालाल सुमन, बद्रीलाल लोधा को निलंबित किया है।

पुलिस पर पथराव, 4 वाहन क्षतिग्रस्त

स्कूल में हुए हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने दोपहर बाद फिर से प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने झालावाड़-मनोहरथाना मार्ग पर गुराडी चौराहा के समीप जाम लगा दिया। ग्रामीण इतने आक्रोशित हो गए कि उन्होंने पुलिस कर्मियों और पुलिस वाहनों पर पथराव कर दिया। पथराव करने में महिलाएं भी पीछे नहीं रहीं। ऐसे में पुलिस को उल्टे पांव जान बचाकर भागना पड़ा। घटना में एक पुलिसकर्मी और अन्य युवक को चोट आई है। पथराव होने पर पुलिसकर्मी अपने वाहन छोड़कर भाग गए। इस पर ग्रामीणों ने पुलिस कर्मियों के वाहनों पर अपना गुस्सा निकाला और एक साथ 4 वाहनों को पत्थरों व लाठियों से क्षतिग्रस्त कर दिया।

शिक्षा मंत्री के आने की सूचना पर भड़के ग्रामीण

ग्रामीणों ने बताया कि मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर वे रोड जाम कर प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन शाम को शिक्षा मंत्री के आने की सूचना पर कुछ पुलिस कर्मियों ने महिलाओं को हटाने की कोशिश की। इस पर आक्रोशित महिलाओं व अन्य ग्रामीणों ने पुलिस कर्मियों को अपशब्द कहते हुए उन पर पथराव कर दिया। पुलिसकर्मी जान बचाकर भाग निकले।

मंत्री के आश्वासन पर पांच घंटे बाद हटाया जाम

जयपुर प्रवास से शाम को लौटे विधायक ने कलक्टर, एसपी व अन्य अधिकारियों के साथ ग्रामीणों से वार्ता की। कलक्टर अजयसिंह राठौड़ ने भी ग्रामीणों को सरकार से उचित मुआवजा दिलाने को कहा। लेकिन ग्रामीण नहीं माने। शाम को शिक्षा मंत्री मदन दिलावर मनोहरथाना पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। साथ ही एक करोड़ रुपए से स्कूल भवन का निर्माण कराने, मृतक बच्चों के नाम से क्लास रूम बनवाने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों के साथ मांगों पर सहमति बनने पर देर शाम साढे 8 बजे जाम हटाया गया।

हादसे में इन बच्चों की हुई मौके पर ही मौत

हादसे में पायल पुत्री लक्ष्मण उम्र 14 जाति भील, प्रियंका पुत्री मांगीलाल उम्र 14 जाति भील, कार्तिक पुत्र हरकचंद जाति लोधा उम्र 8 साल, हरीश पुत्र बाबू लाल उम्र 8 जाति भील की सहित एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि 2 ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

ये बच्चे हुए हैं घायल

घायल बच्चों में चिंता बाई पुत्री बद्रीलाल उम्र 12 साल जाति भील, विजय पुत्र प्रेमचंद उम्र 11 साल जाति भील, अंजना पुत्री बद्रीलाल उम्र 11 जाति भील, राजकुमार पुत्र मुकेश जाति भील उम्र 12, आरती पुत्री रामदयाल उम्र 12 जाति भील आदि शामिल हैं।

इन बच्चों को किया रैफर

हादसे में कुंदन पुत्र बीरम उम्र 12, मिनी पुत्री छोटू लाल उम्र 13, बीरम पुत्र तेजमल उम्र 8, मिथुन पुत्र मुकेश उम्र 11, आरती पुत्री हरकचंद उम्र 9, विशाल पुत्र जगदीश उम्र 9, अनुराधा पुत्री लक्ष्मण उम्र 7 साल, राजू पुत्र दीवान उम्र 10 साल, शाहीन पुत्री जगदीश 8 साल, सोना पुत्री तेजमल उम्र 5 साल, अरविंद पुत्र कमलेश उम्र 8 साल, मुरली पुत्र मनोहर, मिलन पुत्र बद्रीलाल, लक्ष्मी पुत्री बीरम, दिलखुश पुत्र रघुवीर, कान्हा पुत्र छोटू लाल, विक्रम पुत्र बाबू लाल, अजय पुत्र देवचन्द को जिला अस्पताल रैफर किया गया है।

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