167 वें दिन भी जारी रहा जेके फैक्ट्री के मजदूरों का धरना
बकाया भुगतान की मांग को लेकर 18 फरवरी से कोटा कलेक्ट्रेट पर चल रहा जेके फैक्ट्री के मजदूरों का धरना रविवार को 167 वें दिन भी जारी रहा।
सीटू के मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि जेके फैक्ट्री के मजदूरों का धरना जो 18 फरवरी 2025 से शुरू हुआ, 167 वें दिन भी अनवरत जारी है। धरने का संचालन कामरेड अशोक सिंह ने किया। मजदूर 28 साल पहले की गई मेहनत का बकाया वेतन, जो ब्याज सहित 500 करोड़ रुपये से अधिक है, राज्य सरकार से वसूलने की मांग कर रहे हैं। मजदूर नेता कामरेड हबीब खान ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि सीटू के दबाव में सरकार ने फैक्ट्री को अपने कब्जे में तो ले लिया, लेकिन बकाया वेतन की वसूली के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक 4200 मजदूरों का पूरा बकाया नहीं मिलता, जिला कलेक्ट्रेट के गेट पर धरना जारी रहेगा। मजदूरों ने सरकार और कोटा के जनप्रतिनिधियों की मजदूर विरोधी नीतियों की कड़ी आलोचना की।
मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि जेके मजदूर अब केवल बकाया वेतन तक सीमित नहीं रहेंगे। वे झालावाड़ के पिपलोदी गांव के मृतक छात्रों, अतिवृष्टि से नष्ट फसलों, बाढ़ से हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने और स्मार्ट मीटर के खिलाफ आम बिजली उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए आंदोलन शुरू करेंगे। 167 वें दिन धरने में सैकड़ों जेके मजदूरों के साथ कोटा के आम लोग भी शामिल हुए। मजदूरों ने बुलंद हौसले के साथ अपने संघर्ष को और मजबूत करने का संकल्प लिया।
167 वें दिन धरने को इन्होंने किया संबोधित
167 वें दिन धरने को कामरेड उमाशंकर, कामरेड नरेंद्र सिंह, कामरेड हबीब खान, कामरेड अली मोहम्मद, कामरेड मदन मोहन शर्मा, सतीश चंद्र त्रिवेदी, गोपाल शर्मा, लटूरलाल, केदार जोशी, कालीचरण सोनी, हनुमान सिंह आदि नेताओं ने संबोधित किया।
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