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Tuesday, July 21, 2026 8:57:00 AM

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आरएसएस की पाठशाला और शाखा चलाना

आरएसएस की पाठशाला और शाखा चलाना

भाजपा सरकार की प्राथमिकता: डोटासरा
-मृतक बच्चों के परिजनों को दी 1-1 लाख की आर्थिक मदद

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि भाजपा की प्राथमिकता सरकारी स्कूल नहीं हैं। उनकी प्राथमिकता आरएसएस की पाठशाला है। इनकी प्राथमिकता शाखा कैसे चलाई जाए यह है और आरएसएस की आइडियोलॉजी कैसे स्कूली बच्चों में विकसित हो, यह प्राथमिकताएं हैं। केंद्रीय मंत्री अमित शाह कह रहे हैं कि बच्चे अंग्रेजी नहीं बोलें। इससे शर्म आती है, लेकिन उनका लड़का खुद अंग्रेजी बोलता है। भाजपा चाहती है कि गरीब का बच्चा पढ़ेगा तो वह सवाल पूछेगा।
इन्हें सवाल पूछने वाला नहीं चाहिए। इसलिए वे गरीब को अनपढ़ रखना चाहते हैं। डोटासरा गुरुवार को पिपलोदी गांव में हुए हादसे में मृतक बच्चों के परिजनों से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने बच्चों के परिजनों से मिलकर ढांढस बंधाया। उन्होंने मृतक परिजनों को 1-1 लाख और घायलों को 10-10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी। डोटासरा ने कहा कि यह कोई प्राकृतिक हादसा नहीं है, बल्कि जिन लोगों को जिम्मेदारी दी गई थी, उनकी लापरवाही से यह हादसा हुआ है। यहां पर सरपंच और विधायक के प्रति लोगों में आक्रोश है।
उन्होंने कहा ‌कि सरपंच के खिलाफ अभी तक केस दर्ज क्यों नहीं हुआ। बीजेपी के मंडल अध्यक्ष की पत्नी को ही सरपंच बना दिया गया है। प्रशासन की मौजूदगी में बच्चे की चिता को टायर से जलाना घोर निंदनीय और दुखद है। इससे पहले डोटासरा ने जिला अस्पताल में जाकर घायल बच्चों की कुशलक्षेम पूछी और उनसे बातचीत की।

पिपलोदी स्कूल हादसे पर उठाए चार सवाल

डोटासरा जब स्कूल भवन पहुंचे तो उन्होंने भवन गिरने के कारणों की जांच की। उन्हें मौके से प्लास्टिक का बेस मिला तो उस पर सवाल उठाते हुए कहा कि छत की वाटर प्रूफिंग में प्लास्टिक का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें सीमेंट ठहर ही नहीं सकती है। यह बेस एल्युमिनियम का बनता है। यही घटिया मरम्मत हादसे का बड़ा कारण है। इसमें पानी नहीं रुक पाया और हादसा हुआ।
डोटासरा ने कहा कि पिपलोदी में जब हादसा हुआ तो वहां पर भवन गिराने और दाह संस्कार करने में जल्दबाजी की गई। इतनी जल्दबाजी क्यों की गई कि हादसे के सबूत ही मिटा दिए जाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री दो साल से क्या कर रहे हैं। हादसे के छह दिन बाद डेढ़ करोड़ रुपए का बजट जारी किया गया, जबकि यह पहले ही जारी हो जाता तो इतना बड़ा हादसा नहीं होता। पहले बजट जारी क्यों नहीं किया गया?
डोटासरा ने कहा कि शिक्षा मंत्री मदन दिलावर नैतिकता के आधार पर इस्तीफा क्यों नहीं दे रहे हैं? शिक्षा मंत्री से पूछना चाहता हूं कि शिक्षक से लेकर डीईओ तक को निलंबित कर दिया गया, लेकिन आप जिम्मेदारी से क्यों बच रहे हैं। सीएम बार-बार डांट लगा रहे हैं कि आप काम नहीं कर पा रहे हो, फिर भी जिम्मेदारी नहीं ले रहे हैं।
उन्होंने शिक्षा मंत्री के स्वदेशी सामान खरीदने के आदेश पर कहा कि शिक्षा मंत्री केवल स्कूलों में टॉयलेट देखने जाते हैं। वहां 5 से 10 शिक्षकों को सस्पेंड कर आते हैं, जबकि लेटेस्ट जो भी टेक्नॉलॉजी है वह सभी विदेशी हैं। स्मार्ट क्लासेज से लेकर सॉफ्टवेयर, गूगल सहित सभी विदेशी टेक्नोलॉजी है। डोटासरा ने कहा कि ऐसी तानाशाही तो हिटलर के जमाने में नहीं होती थी। अपनी गलती छुपाने के लिए भवन को तुरंत गिरवा दिया, रात में दाह संस्कार करने का दबाव डाला गया। गांव के लोगों के खिलाफ मुकदमे हुए। यह तानाशाही है।

सिस्टम की लापरवाही बनी हादसे का‌ कारण से

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि स्कूल हादसे में जान गंवाने वाले या घायलों के परिजनों से मिलने में क्या मुख्यमंत्री को डर लगता है। भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री बनने व हेलिकॉप्टर मिलने के बाद भी एक स्कूल में नहीं गए और 100 मंदिरों में पहुंचे। सरकारी खचों से आप 100 मंदिरों में जा सकते हैं तो ये भी तो शिक्षा के मंदिर ही है। डोटासरा ने ये बात गुरुवार को झालावाड़ में हादसे में घायल बच्चों से मिलने के बाद कही। डोटासरा ने कहा कि सिस्टम की लापरवाही से सात बच्चों की हत्या हो गई। इस हादसे से हर कोई स्तब्ध रह गया। सरकार यह स्वीकार करने को तैयार नहीं है कि उनकी लापरवाही से यह हादसा हुआ। यह सभी पार्टियों के लिए गंभीर प्रश्न चिह्न है कि हमारे स्कूलों में हमारे बच्चे 70 साल बाद भी सुरक्षित नहीं है।

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