बीएचयू में बीएससी नर्सिंग की मान्यता न होने के विरोध में गुरुवार को धरने पर बैठी जिस छात्रा को चीफ प्रॉक्टर ने थप्पड़ मारा था उसके बाएं कान का पर्दा फट गया है। छात्रा को इसकी जानकारी उस समय हुई जब वह शनिवार को नाक, कान, गला रोग विभाग में जांच कराने पहुंची। जांच रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टर ने जब कान का पर्दा फटने की जानकारी दी तो छात्रा घबराकर रोने लगी। कॉलेज पहुंचकर इसकी जानकारी अन्य छात्र-छात्राओं को दी तो सब क्लास छोड़कर बाहर आ गए और नर्सिंग कालेज गेट पर धरने पर बैठ गए। उधर, छात्रा चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने लंका थाने पहुंची। इसमें तहरीर के साथ ही डॉक्टर की जांच रिपोर्ट भी दी है। रोयाना सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं होने से नाराज छात्राएं धरने पर बैठ कर नारेबाजी कर रही हैं। छात्र-छात्राओं का कहना है कि जब तक मुकदमा दर्ज नही हो जाएगा तब तक धरने से नही उठेंगे। बता दें कि बीएचयू में बीएससी नर्सिंग की मान्यता न होने के विरोध में गुरुवार को छात्र-छात्राओं ने नर्सिंग कॉलेज के सामने रास्ता जाम कर धरना दिया। इधर सूचना पाकर सुरक्षाकर्मियों संग पहुंची चीफ प्रॉक्टर रोयाना सिंह ने उन्हें रास्ते से हटने को कहा। आरोप है कि इस दौरान चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह ने छात्र-छात्राओं की पिटाई भी की। चीफ प्रॉक्टर ने एक छात्रा को थप्पड़ जड़ दिया। उनके साथ आए सुरक्षाकर्मियों ने भी छात्र-छात्राओं का हाथ पकड़कर खींचा और बदसलूकी की। इस दौरान धरना स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। दरअसल, विश्वविद्यालय में 2015 से 2017 तक के बीएससी नर्सिंग कोर्स की मान्यता नहीं हैं। इस संबंध में 260 छात्र-छात्रा अब तक कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र भी लिख चुके हैं, उन्हें कार्यवाही का आश्वासन भी मिला लेकिन हुआ कुछ नहीं। अब जबकि उनका पाठ्यक्रम पूरा होने वाला है और डिग्री मिलनी है, ऐसे में भविष्य का संकट खड़ा हो गया है। छात्र-छात्राओं ने बताया कि एक महीना पहले कुलपति, आईएमएस डायरेक्टर सभी से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई गई थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
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